लाखों की चांदी हड़पने के वाराणसी धोखाधड़ी के मामले में दंपति को मिली अग्रिम जमानत, कोर्ट से मिली राहत
कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, आनंद तिवारी पंकज, नरेश यादव और संदीप यादव ने पक्ष रखा।
वाराणसी। धोखाधड़ी कर लाखों रुपए मूल्य की चांदी हड़पने के मामले में आरोपित दंपति को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। यह मामला वाराणसी धोखाधड़ी के मामले में दंपति को मिली अग्रिम जमानत मिलने के कारण एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
अपर जिला जज (त्रयोदश) सुशील खरवार की अदालत ने वाराणसी धोखाधड़ी के मामले में दंपति को मिली अग्रिम जमानत देते हुए मंशाराम फाटक, चेतगंज निवासी आरोपित सतीश कुमार अग्रहरि और उनकी पत्नी सन्नो अग्रहरि को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की स्थिति में अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। दंपति को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें और बंधपत्र प्रस्तुत करने होंगे।

केस की पूरी कहानी: क्या था धोखाधड़ी का आरोप? – अभियोजन पक्ष के अनुसार, भूतभैरव, नक्खास, कोतवाली निवासी वादी उमाचरण गुप्ता ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि उन्होंने अपने परिचित सतीश कुमार अग्रहरी को व्यापार में बढ़ोत्तरी के लिए 3 किलो 46 ग्राम पक्की चांदी दी थी। सतीश कुमार अग्रहरी ने वादा किया था कि वह एक वर्ष बाद वादी को चांदी वापस कर देंगे।

लेकिन जब सतीश कुमार ने वादी की चांदी वापस नहीं की और मांगने पर उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी, तो मामला बिगड़ गया। वादी ने आरोप लगाया कि 30 मार्च 2025 को जब वह अपनी बकाया चांदी मांगने सतीश के घर गए, तो सतीश, उनके भाई अमित अग्रहरी और सतीश की पत्नी सन्नो अग्रहरी ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि “अपना पैसा भूल जाओं नहीं तो तुमको फर्जी मुकदमें में फंसाकर जेल भेजवा देंगे।” वादी के अनुसार, सतीश कुमार ने उनकी चांदी हड़प ली है, जिससे वह गंभीर आर्थिक संकट में हैं।

बचाव पक्ष की दलील और कोर्ट का फैसला – कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, आनंद तिवारी पंकज, नरेश यादव और संदीप यादव ने आरोपित दंपति का पक्ष रखा। उनकी दलीलों और तथ्यों पर विचार करने के बाद, अदालत ने वाराणसी धोखाधड़ी के मामले में दंपति को मिली अग्रिम जमानत देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
यह निर्णय दर्शाता है कि गिरफ्तारी से पहले कोर्ट ने मामले की गंभीरता और बचाव पक्ष की दलीलों को संतुलित किया है, जिससे वाराणसी धोखाधड़ी के मामले में दंपति को मिली अग्रिम जमानत मिली है।




