वाराणसी दुष्कर्म मामला में बड़ी खबर! जैतपुरा के आरोपित अरशद महमूद अंसारी, जिसने युवती से दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो की धमकी दी, उसकी जमानत अर्जी खारिज हो गई है। जानिए, फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने क्यों दुष्कर्म के मामले में आरोपित की जमानत अर्जी खारिज की।

अदालत में पीड़िता (वादनी) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं अनुज यादव, नरेश यादव, नरगिस बानो, और संदीप यादव ने पक्ष रखा।

वाराणसी। न्याय के लिए संघर्ष कर रही एक पीड़िता को राहत मिली है, जबकि घर में घुसकर युवती से दुष्कर्म करने और उसका अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देने के सनसनीखेज वाराणसी दुष्कर्म मामला में आरोपित को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

जैतपुरा दुष्कर्म के आरोपित अरशद महमूद अंसारी की यह जमानत अर्जी, मामले की गंभीरता और लगातार अपराध की प्रवृत्ति को देखते हुए खारिज की गई है।

न्याय की लड़ाई में मजबूत पैरवी अदालत में पीड़िता (वादनी) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं, जिनमें अनुज यादव, नरेश यादव, नरगिस बानो, और संदीप यादव शामिल थे, ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। उनकी प्रभावी पैरवी ने सुनिश्चित किया कि आरोपित को आसानी से जमानत न मिले।

क्या था पूरा जैतपुरा दुष्कर्म मामला? अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ने 1 नवंबर 2025 को जैतपुरा थाने में आरोपित अरशद महमूद अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी।

  1. जबरन संबंध और वीडियो बनाना: आरोप के मुताबिक, पड़ोसी अरशद महमूद अंसारी लंबे समय से पीड़िता को परेशान कर रहा था। एक बार प्रेमजाल में फंसाकर उसने बिना सहमति के दुष्कर्म किया और उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया
  2. डर और धमकी: जब पीड़िता चिल्लाने लगी, तो आरोपित ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया। अपनी इज्जत आबरू के डर से पीड़िता ने यह बात किसी को नहीं बताई, जिससे आरोपित का मन बढ़ गया।
  3. शादी तुड़वाना: जुलाई 2024 में पीड़िता की शिकायत पर आरोपित ने थाने में लिखित माफीनामा दिया था और वीडियो डिलीट करने का वादा किया था। हालांकि, उसने अन्य फोन में वीडियो सुरक्षित रखा और जब पीड़िता की शादी तय हुई, तो ससुराल वालों को वह अश्लील वीडियो दिखाकर उसका रिश्ता तुड़वा दिया
  4. घर में घुसकर दोबारा दुष्कर्म: इतना ही नहीं, 17 अक्टूबर 2025 को रात करीब 8 बजे जब पीड़िता घर पर अकेली थी, तब अरशद महमूद अंसारी उसके घर में घुस आया। उसने जबरदस्ती कपड़े फाड़कर पीड़िता को निर्वस्त्र किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने पीड़िता का अपहरण कर जान से मारने की धमकी भी दी।

इस गंभीर घटना के बाद, पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए जैतपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

कोर्ट का फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने पूरे वाराणसी दुष्कर्म मामला की गंभीरता को समझा। विशेष रूप से, आरोपित ने लिखित माफीनामा देने और वीडियो डिलीट करने का वादा तोड़ने के बाद भी, पीड़िता का पीछा नहीं छोड़ा और दोबारा घर में घुसकर दुष्कर्म किया। इन सभी तथ्यों को देखते हुए, कोर्ट ने यह पाया कि दुष्कर्म के मामले में आरोपित की जमानत अर्जी खारिज करना ही न्यायसंगत है।

यह फैसला समाज में यह संदेश देता है कि ऐसे गंभीर अपराध करने वालों को कानून किसी भी कीमत पर बख्शेगा नहीं।

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