वाराणसी के बुलानाला में उद्योग व्यापार मण्डल “काशी” द्वारा होली-ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। गुलाब की पंखुड़ियों के साथ हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया गया। पूरी रिपोर्ट bmbreakingnews.com पर।
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी हमेशा से अपनी साझा संस्कृति और प्रेम के लिए जानी जाती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज दिनांक 30.03.2026, सोमवार को बुलानाला स्थित ताराचन्द बाड़ा में एक भव्य दृश्य देखने को मिला। यहाँ उद्योग व्यापार मण्डल “काशी” व पूर्वांचल विकास मंच (उ०प्र०) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित “होली-ईद मिलन समारोह” ने समाज में व्याप्त नफरत को मिटाकर राष्ट्रीय सद्भावना और भाईचारा का एक सशक्त संदेश दिया।
फूलों की वर्षा के साथ ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ का स्वागत – सायंकाल 5:00 बजे से 8:00 बजे तक चले इस कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों ने एक-दूसरे पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसा कर आपसी प्रेम का इजहार किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “आपसी नफरत हटाओं, भाईचारा बनाओं” की पहल को जन-जन तक पहुँचाना था। हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जिस गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे को गले लगाया, उसने काशी की पुरातन गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत कर दिया।
“कट्टरपंथियों की कटुता पर भारी पड़ा प्रेम” – शशांक शेखर त्रिपाठी – कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा:
“काशी की परंपरा सदियों से धर्म-जाति से ऊपर उठकर त्योहार मनाने की रही है। कुछ मुट्ठी भर कट्टरपंथियों और फिरका परस्तों ने समाज में जो कड़वाहट घोलने की कोशिश की है, आज का यह आयोजन उस पर विराम लगाता है। व्यापारी और अधिवक्ता समाज हमेशा एकता की मिसाल पेश करता रहेगा।”
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस मिलन समारोह में वक्ताओं ने जोर दिया कि जब तक समाज से द्वेषभाव खत्म नहीं होगा, तब तक देश की समृद्धि संभव नहीं है। इस तरह के राष्ट्रीय एकता सद्भावना के कार्यक्रमों से ही विश्व पटल पर भारत का मान बढ़ेगा।
कार्यक्रम का सफल संचालन महामंत्री ध्रुव जी ने किया। अतिथियों का स्वागत कोषाध्यक्ष अनिल बिंद, कार्यवाहक अध्यक्ष किशन शर्मा और उपाध्यक्ष अतीक खान सोनू ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से विवेक कुमार गुप्ता (प्रदेश अध्यक्ष), ध्रुव जी (महामंत्री), अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी, किशन शर्मा व अनिल बिन्द, अतीक खान सोनू, मो० आरिफ, आशुतोष शुक्ला, बलदाउ राणा, जावेद खान, शम्भूनाथ चौरसिया, राकेश सिंह, मनोज वर्मा ‘मन्नू’, बल्ली गुप्ता, विपिन मेहता, बबलू बिंद, दीपक जायसवाल, कृष्णा गुप्ता, दिब्य कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में भारी संख्या में मौजूद हिन्दू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक सुर में आपसी मोहब्बत और भाईचारा को कायम रखने का संकल्प लिया।





