मुख्य बिंदु:

  • वाराणसी के लल्लापुरा में अवैध निर्माण के दबाव से गिरा पड़ोसी का मकान, लाखों का सामान मलबे में तब्दील।
  • पीड़ित साल भर से विकास प्राधिकरण और पुलिस से लगा रहा था गुहार, नहीं हुई कोई सुनवाई।
  • बिल्डर, भवन स्वामी और VDA अधिकारियों की मिलीभगत से खड़ा हो रहा था पांच मंजिला अवैध टॉवर।
  • एसीपी चेतगंज ने जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन, क्या पीड़ित को मिलेगा न्याय?

वाराणसी। एक तरफ प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ अपराध और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करते हैं, तो वहीं दूसरी ओर उनके ही मातहत अधिकारी और बिल्डर माफिया मिलकर इस नीति को ठेंगा दिखा रहे हैं। इसका जीता-जागता और दर्दनाक उदाहरण वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के लल्लापुरा इलाके में देखने को मिला, जहां भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ी हो रही एक अवैध इमारत ने अपने पड़ोस में बने एक गरीब के आशियाने को ही निगल लिया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ित परिवार की जीवन भर की कमाई एक पल में मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।

मामला लल्लापुरा इलाके का है, जहां मोहम्मद वस्सैफ नाम के व्यक्ति द्वारा बिल्डर सैफ के माध्यम से एक पांच मंजिला इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। आरोप है कि यह निर्माण पूरी तरह से अवैध था, जिसके लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) से कोई नक्शा पास नहीं कराया गया था। इस अवैध निर्माण के ठीक बगल में सलमान का मकान (म.नं. सी. 19/1-जी-3-ए) था। सलमान पिछले एक साल से इस अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उन्होंने VDA से लेकर स्थानीय लल्लापुरा पुलिस चौकी तक हर दरवाजे पर दस्तक दी, लेकिन बिल्डर के प्रभाव और अधिकारियों की मिलीभगत के आगे उनकी एक न सुनी गई।

सलमान ने बिलखते हुए बताया, “मैं एक साल से चीख-चीखकर कह रहा था कि यह अवैध निर्माण मेरे घर को गिरा देगा। मैंने VDA में कई बार लिखित शिकायत दी, चौकी इंचार्ज से हाथ जोड़कर गुहार लगाई, लेकिन किसी ने मेरी नहीं सुनी। पुलिस ने भी निर्माण कार्य को नहीं रुकवाया। नतीजा यह हुआ कि जो डर था, वही सच हो गया। अवैध निर्माण के दबाव से मेरा मकान भरभरा कर गिर पड़ा।” संयोग ही था कि जिस वक्त मकान गिरा, परिवार का कोई सदस्य उस हिस्से में नहीं था, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना में सलमान का लाखों का घरेलू सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया।

घटना के बाद पीड़ित ने फिर से सिगरा थाने और डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। हारकर सलमान ने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) चेतगंज, डॉ. ईशान सोनी से न्याय की गुहार लगाई है। एसीपी सोनी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पीड़ित को जांच कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

यह घटना वाराणसी में फैले गहरे भ्रष्टाचार और VDA-बिल्डर गठजोड़ की पोल खोलती है। यह कोई पहला मामला नहीं है जब अवैध निर्माण के चलते शहर में कोई हादसा हुआ हो। पहले भी ऐसे हादसों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सवाल उठता है कि आखिर किसकी शह पर पूरे शहर में बिना नक्शा पास कराए पांच-पांच मंजिला इमारतें तन जाती हैं? गरीबों की शिकायतों को क्यों रद्दी की टोकरी में फेंक दिया जाता है?

अब देखना यह है कि इस मामले में जिला प्रशासन और वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दोषियों पर क्या कार्रवाई करते हैं। क्या बिल्डर सैफ और भवन स्वामी मो. वस्सैफ के साथ-साथ उन भ्रष्ट अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा, जिनकी लापरवाही और मिलीभगत ने एक परिवार को सड़क पर ला दिया? बीएम ब्रेकिंग न्यूज इस मामले पर अपनी पड़ताल जारी रखेगा और हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।

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