वाराणसी: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यूपीएसईबी) के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और समाजसेवी विशाल सिंह पर हुए जानलेवा हमले के 11 आरोपियों को सज़ा सुनाई है। इस मामले में मुख्य आरोपी को उम्रकैद और बाक़ी 10 दोषियों को 14 साल की सज़ा दी गई है।
क्या था मामला?
घटना 29 सितंबर 2021 की है, जब विशाल सिंह ने कैंट के विजयनगरम मार्केट स्थित एक होटल में अवैध गतिविधियों और कॉलेज की छात्राओं को कमरे दिए जाने का विरोध किया था। इसी दौरान, आरोपी पंकज गुप्ता ने विशाल सिंह पर गोली चला दी थी। यह हमला एक सोची-समझी साज़िश का हिस्सा था, जिसमें सरफराज, वसीम, परवेज, शाहजहां, नुसरत नूरानी, जैनुल हक, अनुज, अनूप, रतन, रवि और तौफीक जैसे 11 अन्य लोग भी शामिल थे। गोली लगने से घायल विशाल सिंह को पहले सिंह मेडिकल और बाद में वेदांता अस्पताल, गुरुग्राम में भर्ती कराया गया था।

अदालत का फैसला
इस मामले की पैरवी अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) रोहित मौर्य और वादी पक्ष से अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह व सोनू ठाकुर ने की थी। अदालत ने अपने फैसले में, मुख्य आरोपी पंकज गुप्ता को धारा 307/149 IPC के तहत आजीवन कारावास और ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, उसे धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में 3 साल की सज़ा और ₹10,000 का जुर्माना भी देना होगा।
वहीं, अन्य 10 आरोपी – सरफराज, वसीम, परवेज, शाहजहां, नुसरत नूरानी, जैनुल हक, अनुज गुप्ता, रतन, रवि, और तौफीक – को धारा 307/120B IPC के तहत 14 वर्ष की सज़ा सुनाई गई है। इन सभी को ₹1 लाख का जुर्माना भी भरना होगा। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने की कुल राशि ₹8,80,000, घायल विशाल सिंह को दी जाएगी। इस मामले के एक आरोपी, अनूप गुप्ता की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो गई थी।
इस फैसले से यह साफ़ हो गया है कि क़ानून के दायरे से कोई भी नहीं बच सकता और अपराध करने वालों को सज़ा ज़रूर मिलती है।




