Description: वाराणसी वरुणा ज़ोन की एडीसीपी नीतू काद्दयान के मार्गदर्शन में लालपुर पांडेयपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली। ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत 4 शातिर चोर गिरफ्तार, 8 चोरी की घटनाओं का खुलासा और लाखों का माल बरामद। जानें कैसे काम करता था यह गिरोह।
वाराणसी (BM Breaking News): अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए वाराणसी पुलिस लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में, वरुणा ज़ोन की एडीसीपी नीतू काद्दयान के कुशल मार्गदर्शन और सख्त निर्देशों पर लालपुर पांडेयपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत, पुलिस ने चार शातिर चोरों के एक गिरोह को गिरफ्तार किया है।
इस गिरफ्तारी से पुलिस ने न सिर्फ अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेला है, बल्कि चोरी की आठ बड़ी घटनाओं का भी खुलासा किया है।
ऑपरेशन चक्रव्यूह हुआ सफल: गोईठहा रिंग रोड से दबोचे गए चोर – पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, 06.12.2025 की दोपहर करीब 2:20 बजे गोईठहा रिंग रोड के पास घेराबंदी की गई और चार आरोपियों को मौके से धर दबोचा गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्न प्रकार है : – विक्की बेनवंशी, आरिफ उर्फ शाहरूख, रोहित बेनवंशी, महिला आरोपी ललिता उर्फ सपना शामिल है।
ये सभी आरोपी लालपुर पाण्डेयपुर क्षेत्र की नई बस्ती, पाण्डेयपुर के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का लाखों रुपये का माल बरामद किया है जिनमे सफेद और पीली धातु (चाँदी और सोने) के विभिन्न आभूषण। कुल 31,500 रुपये नकद। अपराध में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल शामिल है।
एडीसीपी नीतू काद्दयान के ज़ोन में 8 बड़ी घटनाओं का खुलासा – पुलिस पूछताछ में इन शातिर चोरों ने वरुणा ज़ोन के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख थाना क्षेत्रों में की गई कम से कम आठ अलग-अलग चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इन थाना क्षेत्रों में लालपुर पाण्डेयपुर, शिवपुर, सारनाथ और रोहनिया शामिल हैं। सभी मामलों में अब भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 380 (चोरी) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
इस गिरोह का चोरी करने का तरीका बेहद शातिर था : निशाना: ये गिरोह रात के समय एक चोरी की गई मोटरसाइकिल पर घूमता था और बंद पड़े मकानों को निशाना बनाता था। चोरी: मकानों का ताला तोड़कर वे अंदर घुसते थे और गहने, नकदी तथा कीमती सामान चुराते थे। माल ठिकाना लगाना: सबसे हैरानी की बात यह थी कि चुराए गए माल को ठिकाने लगाने का काम महिला आरोपी ललिता उर्फ सपना (जो मुख्य आरोपी विक्की की माँ है) करती थी। वह राहगीरों और अन्य महिलाओं को अपनी मजबूरी का झूठा बहाना बताकर, चोरी के गहनों को औने-पौने दामों पर बेच देती थी। पैसे का इस्तेमाल: चोरी से मिले पैसे का इस्तेमाल आरोपी जुए और खाने-पीने जैसी गतिविधियों में करते थे।
सफल कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम – इस बड़ी सफलता का श्रेय थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व को जाता है। टीम में उपनिरीक्षक प्रभाकर सिंह, महेश मिश्रा, मानवी शुक्ला सहित कई अन्य सदस्य शामिल थे, जिन्होंने एडीसीपी नीतू काद्दयान के निर्देश को पूरी तरह ज़मीन पर उतारा।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई जारी है और इस गिरोह के अन्य फरार साथियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।







