वाराणसी: उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर धरातल पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में, जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के क्रम में कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। न्यायालय ने एक मासूम से जुड़े संवेदनशील मामले में आरोपी को कड़ी सजा सुनाकर समाज में कड़ा संदेश दिया है।

मामला वर्ष 2019 का है, जहाँ थाना जंसा में अभियुक्त गौरव चन्द्र राय उर्फ मुकेश के खिलाफ धारा 363, 366 भादवि और 5/6 पॉक्सो एक्ट (मु0अ0सं0 144/2019) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस टीम और अभियोजन पक्ष ने इसे प्राथमिकता पर रखा। दिनांक 23.01.2026 को मा0 न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), न्यायालय संख्या-02, वाराणसी ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपना फैसला सुनाया। अभियुक्त: गौरव चन्द्र राय उर्फ मुकेश (निवासी: गंगापुर, थाना रोहनियां), सजा: 20 वर्ष का कठोर कारावास। अर्थदण्ड: 36 हजार रुपये का जुर्माना (जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान)।

प्रदेश भर में चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन कनविक्शन” के अन्तर्गत पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा निरंतर समीक्षा और मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि पुलिस द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना और लोक अभियोजक के संयुक्त प्रयास से इतने कम समय में आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जा सका।

नोट: इस सजा को दिलाने में कमिश्नरेट वाराणसी के अधिकारियों और मॉनिटरिंग सेल के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती से अदालत के सामने पेश किया।

वाराणसी पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के माध्यम से अब अपराधी बच नहीं पाएंगे। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में पुलिस की यह ‘प्रभावी पैरवी’ न्याय प्रणाली में जनता का विश्वास और मजबूत कर रही है।

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