पीएम से लेकर मेयर तक BJP के, फिर भी पार्षद रोते हैं बजट का रोना
varanasi news: वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र, जहां के विकास के दावे देश भर में किए जाते हैं, वहीं एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो इन दावों पर सवाल खड़े करती है। मामला है वार्ड नं. 5 हुकुलगंज की गीता नगर कॉलोनी के मुख्य मार्ग का, जिसकी हालत पिछले कई सालों से इतनी बदतर हो चुकी है कि यह गंभीर दुर्घटनाओं का सबब बन गया है।
बजट नहीं, तो विकास कैसे? – कॉलोनीवासियों ने कई बार इस जर्जर सड़क की शिकायत क्षेत्रीय पार्षद बृजेश चंद्र श्रीवास्तव से की है। लेकिन हर बार जवाब में उन्हें एक ही बात सुनने को मिलती है: नगर निगम से बजट पास नहीं हुआ है।
यह तर्क अपने आप में चौंकाने वाला है! ज़रा सोचिए, यह वही वाराणसी है जिसके सांसद स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। यहां के सभी विधानसभाओं के विधायक, और यहां तक कि शहर की मेयर भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हैं। यानी, ‘ऊपर से नीचे तक’ सरकार और नगर निगम में एक ही पार्टी का दबदबा है, फिर भी एक ज़रूरी सड़क के लिए बजट पास न होने का रोना क्यों रोना पड़ रहा है? क्या यह प्रशासनिक तालमेल की कमी है या कहीं और कोई रोड़ा है?
दूसरे वार्डों में काम, तो यहां क्यों नहीं? – विडंबना देखिए, इसी जनपद के अन्य वार्डों में अन्य राजनीतिक पार्टियों के पार्षद भी अपने सीमित संसाधनों के बावजूद सफाई से लेकर सड़क मरम्मत जैसे तमाम कार्य करा रहे हैं। ऐसे में, सत्ताधारी पार्टी के पार्षद का बार-बार ‘बजट पास न होने’ का बहाना बनाना स्थानीय लोगों के बीच अविश्वास और गुस्से को जन्म दे रहा है।
सवाल बड़ा है कि जब शहर की सत्ता की बागडोर पूरी तरह से एक ही पार्टी के हाथ में है, तो क्या एक छोटी सी सड़क के लिए बजट की कमी हो सकती है? या कहीं ऐसा तो नहीं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता में आम जनता की बुनियादी समस्याएं हैं ही नहीं? गीता नगर कॉलोनी के निवासियों का सब्र अब जवाब दे रहा है।
अब देखना यह है कि आखिर कब इस गीता नगर कॉलोनी के मुख्य मार्ग का कायाकल्प होगा? यह तो भविष्य के गर्भ में है, फ़िलहाल, बीएम ब्रेकिंग न्यूज़ की पड़ताल जारी है और हम इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।






