पुलिस आयुक्त वाराणसी अपराध रोकथाम अभियान के तहत सारनाथ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रयागराज के मेडिकल एजेंसी संचालक सत्येन्द्र कुमार साहू को नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पढ़ें पूरी खबर।
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अपराधियों और नशा तस्करों के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस आयुक्त वाराणसी अपराध रोकथाम अभियान के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान में सारनाथ थाना पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने नशीली दवाओं (कोडीनयुक्त सिरप) के अवैध विक्रय और धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहे एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सत्येन्द्र कुमार साहू (निवासी मालवीय नगर, थाना मुठ्ठीगंज, जनपद प्रयागराज) के रूप में हुई है। सत्येन्द्र कुमार ‘राजा मेडिकल एण्ड सर्जिकल एजेन्सी’ का संचालक है। आरोप है कि वह नशीली दवाओं के अवैध व्यापार के सिंडिकेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
पुलिस आयुक्त वाराणसी अपराध रोकथाम अभियान के निर्देशों का पालन करते हुए, वरुणा जोन के अधिकारियों के नेतृत्व में सारनाथ पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी को 22 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:45 बजे थाना सारनाथ परिसर से गिरफ्तार किया गया।
इस पूरे खेल का पर्दाफाश 18 दिसंबर 2025 को हुआ था, जब वाराणसी के औषधि निरीक्षक (Drug Inspector) श्री जुनाब अली ने तहरीर दी थी। जांच में पाया गया कि ‘मेसर्स पी०डी० फार्मा’ के लाइसेंस का दुरुपयोग कर बिना किसी डॉक्टर के पर्चे के भारी मात्रा में कोडीनयुक्त दवाओं को नशे के लिए बाजार में बेचा जा रहा था। इतना ही नहीं, पुलिस को चकमा देने के लिए फर्जी बिल (कूटरचित दस्तावेज) भी तैयार किए गए थे।
पुलिस आयुक्त वाराणसी अपराध रोकथाम अभियान के तहत इस मामले में पुलिस बेहद सतर्कता से काम कर रही है। सत्येन्द्र कुमार साहू से पहले इस सिंडिकेट से जुड़े 9 अन्य बड़े नामों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। इनमें वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर के कई मेडिकल एजेंसी संचालक और प्रोप्राइटर शामिल हैं।
अब तक गिरफ्तार प्रमुख आरोपियों में विष्णू कुमार पाण्डेय (वाराणसी), लोकेश अग्रवाल (महमूरगंज, वाराणसी), प्रतीक गुजराती (सप्तसागर दवामण्डी), सुरेश चन्द्र गुप्ता (प्रयागराज), फैजुर रहमान और मोहम्मद सैफ (प्रयागराज), आकाश पाठक (कोतवाली, वाराणसी) शामिल है।
इस गिरफ्तारी को सफल बनाने में सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी और कांस्टेबल सौरभ तिवारी की अहम भूमिका रही। पुलिस उपायुक्त और अपर पुलिस उपायुक्त (वरुणा जोन) के दिशा-निर्देशों में टीम ने साक्ष्यों के आधार पर इस गिरफ्तारी को सुनिश्चित किया।
अधिकारी का संदेश: “वाराणसी पुलिस युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ड्रग माफियाओं को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी। पुलिस आयुक्त वाराणसी अपराध रोकथाम अभियान निरंतर जारी रहेगा।”
वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई से नशीली दवाओं के अवैध सौदागरों में हड़कंप मचा हुआ है।




