वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई। 25 हजार के इनामी अपराधी मनोज कुमार यादव और उसके बेटे लक्ष्य यादव को कफ सिरप तस्करी और हवाला कारोबार के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जानें पूरा मामला।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में काशी ज़ोन की पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस आयुक्त वाराणसी द्वारा अपराधों की रोकथाम और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु दिए गए निर्देशों के क्रम में, थाना कोतवाली, रामनगर और एसआईटी (SIT) की संयुक्त टीम ने ₹25,000 के इनामी अपराधी मनोज कुमार यादव और उसके बेटे लक्ष्य यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

26 फरवरी 2026 को पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर टेगड़ा मोड़ (ढुन्ढराज पुलिया) के पास घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को दबोच लिया। मनोज कुमार यादव (निवासी: औसानगंज, थाना जैतपुरा) थाना कोतवाली में दर्ज मु0अ0सं0 235/2025 में वांछित था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। साथ ही उसका बेटा लक्ष्य यादव भी एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना रामनगर में वांछित था।

पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। अभियुक्तों ने बताया कि वे वैध ड्रग लाइसेंस की आड़ में कोडीन युक्त न्यू फेंसाडिल कफ सिरप का अवैध कालाबाजारी करते थे। फर्जी दस्तावेज: फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए माल को कागजों पर विभिन्न मेडिकल फर्मों को बेचना दिखाया जाता था। अंतर्राष्ट्रीय तस्करी: हकीकत में यह कफ सिरप औषधीय उपयोग के बजाय नशे के लिए पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेश तस्करी किया जाता था। करोड़ों का कारोबार: अभियुक्त मनोज यादव ने स्वीकार किया कि उसने करीब 1,26,000 शीशी (कीमत लगभग ₹2 करोड़) का अवैध व्यापार किया।

“तस्करी से कमाए गए काले धन को सफेद करने के लिए अभियुक्तों ने ‘LMSINFRA PRIVATE LIMITED’ और अन्य कंपनियों का सहारा लिया। हवाला के जरिए आने वाले पैसों से वाराणसी में करोड़ों की बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं।”

गिरफ्तार मनोज कुमार यादव एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ वाराणसी के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं:

क्र.सं.थानाधाराएंअपराध का प्रकार
1कोतवाली61(2), 318(4), 8/21/29 NDPSकफ सिरप तस्करी व धोखाधड़ी
2रामनगर8/21/22/29 NDPSनशीले पदार्थों की तस्करी
3सिगरा147, 323, 504, 506 IPCमारपीट व धमकी
4कोतवाली274, 275, 379 IPCमिलावटी दवा व चोरी

इस सफल अनावरण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दयाशंकर सिंह, एसआईटी के उप-निरीक्षक विकास पाण्डेय, मनीष सिंह, अजीत मौर्या, लवलेश पटेल और थाना रामनगर से उप-निरीक्षक शिवम सोनी व अमित त्रिपाठी की मुख्य भूमिका रही। सर्विलांस सेल के आरक्षी अश्वनी सिंह ने भी तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई से दवा मंडी में खलबली मच गई है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य नामों, जैसे शुभम जायसवाल और धर्मेंद्र अग्रवाल की संलिप्तता की भी गहराई से जांच कर रही है।

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