पुलिस आयुक्त वाराणसी द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अवैध कफ सिरप और संगठित अपराध में लिप्त माफियाओं पर बड़ी कार्यवाही। लहरतारा, परेडकोठी और खोजवां समेत कई इलाकों की लिकर शॉप सीज। पढ़ें पूरी खबर।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अपराधियों और अवैध धंधों में लिप्त माफियाओं के खिलाफ पुलिस आयुक्त वाराणसी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क करने और अवैध गतिविधियों को जड़ से मिटाने के अभियान के तहत एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया गया है।

ताजा मामले में, कफ सिरप से संबंधित संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर जिलाधिकारी वाराणसी द्वारा आबकारी नियमों के उल्लंघन के आरोप में 4 कंपोजिट दुकानों (लिकर शॉप) को सीज कर दिया गया है। साथ ही, 2 अन्य दुकानों की सुरक्षा राशि (Security Deposit) जब्त कर ली गई है।

इन दुकानों पर गिरा वाराणसी पुलिस का डंडा पुलिस आयुक्त वाराणसी के नेतृत्व में काशी जोन के निर्देशन और कोतवाली थाना प्रभारी के कुशल नेतृत्व में की गई इस कार्यवाही में निम्नलिखित दुकानों को सीज किया गया : कम्पोजिट शॉप लहरतारा बाज़ार (ID-45997): संचालिका शिवांगी जायसवाल। कम्पोजिट शॉप परेडकोठी (ID-45553): संचालिका बबिता सिंह। कम्पोजिट शॉप कज्जाकपुरा (ID-45754): संचालिका ऊषा देवी। कम्पोजिट शॉप खोजवां (ID-45285): संचालिका राधिका जायसवाल।

इसके अलावा, वैशाली पुर्सवानी (माधोपुर शॉप) और रेखा देवी (शहबाबाद शॉप) के पक्ष में जमा प्रतिभूति धनराशि को भी विभाग द्वारा जब्त कर लिया गया है।

क्यों हुई यह कार्यवाही? मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी अभियुक्त संगठित आपराधिक गतिविधियों और माफिया स्टाइल में अवैध कफ सिरप के कारोबार से जुड़े पाए गए थे। इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश आबकारी कम्पोजिट दुकान नियमावली- 2025’ के नियम-18 (1) (घ) का खुला उल्लंघन किया। पुलिस आयुक्त वाराणसी की सख्त रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दुकानों को तत्काल प्रभाव से सीज करने का आदेश दिया।

इस बड़ी सफलता के पीछे कोतवाली थाने की एसआईटी (SIT) और विवेचक टीम का मुख्य हाथ रहा। टीम में प्रमुख रूप से प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह (थाना कोतवाली), उ0नि0 अंकित सिंह, लवलेश पटेल, धीरज (SIT), विजय कुमार यादव और अमन सिंह, कांस्टेबल शिवाजी चन्द, शुभम सिंह और अखिलेश कुमार शामिल रहे।

    पुलिस आयुक्त वाराणसी की इस कार्यवाही से शहर के माफियाओं और अवैध शराब/दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि शहर की शांति और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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