वाराणसी: पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा अपराध पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत जैतपुरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अभिरक्षा से फरार 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी से चोरी और अन्य कई संगीन वारदातों का खुलासा हुआ है।
फरार होने के बाद फिर पकड़ा गया – मामला जैतपुरा थाना क्षेत्र का है। आरोपी मो० इरशाद को हाल ही में टीवीएस एजेंसी और एक चाय की दुकान से चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, 31 अगस्त 2025 को वह पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था। पुलिस तब से उसकी तलाश में थी।

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गठित टीम ने इस शातिर बदमाश की तलाश शुरू की। थानाध्यक्ष जैतपुरा बृजेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि फरार आरोपी वाराणसी सिटी स्टेशन के पास वाशिंग लाइन में छिपा हुआ है।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी – 6 सितंबर 2025 की देर रात करीब 12:01 बजे पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर बदमाश मो० इरशाद ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया।
पुलिस ने तत्काल उसे धर दबोचा। उसके पास से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
आपराधिक इतिहास – गिरफ्तार बदमाश मो० इरशाद का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उस पर चोरी, एनडीपीएस एक्ट और पुलिस अभिरक्षा से फरार होने समेत कुल 9 मुकदमे दर्ज हैं। यह गिरफ्तारी वाराणसी पुलिस की सक्रियता और अपराध के खिलाफ उसकी कठोर नीति को दर्शाती है।
इस सफल ऑपरेशन में थानाध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्र के साथ-साथ उप-निरीक्षक जफर मेंहदी, शिवम मिश्रा, सौरभ सिंह, जितेंद्र यादव और कपिल देव यादव सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। यह कार्रवाई बताती है कि वाराणसी पुलिस अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शने वाली नहीं है।




