varanasi news: वाराणसी: समाज में जातिगत भेदभाव को खत्म करने और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर अब वाहनों पर जातिसूचक शब्दों का प्रदर्शन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

इस पहल के तहत, पुलिस ने सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट-1988 के अंतर्गत ऐसे वाहनों का चालान करना शुरू कर दिया है, जिन पर जाति, गोत्र या समुदाय को महिमामंडित करने वाले स्लोगन या स्टीकर लगे हैं। इस अभियान के पहले ही दिन पुलिस आयुक्त ने खुद भ्रमण कर करीब एक दर्जन वाहनों से जातिगत शब्द हटवाए और उनका चालान किया।

यह पहल सिर्फ वाहनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया में भी जातिगत उल्लेख को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। अब एफआईआर, पंचनामा, गिरफ्तारी मेमो और थानों के नोटिस बोर्ड पर भी अभियुक्तों की जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा।

‘मिशन शक्ति 5.0’ और ‘ऑपरेशन मनचला’ जारी वाराणसी पुलिस महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति 5.0’ अभियान को भी पूरी गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। इसी के तहत, पुलिस आयुक्त ने शिवदासपुर स्थित डिवाइन सैनिक स्कूल का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की जाँच की और स्कूल प्रशासन को 1090 और 181 जैसी हेल्पलाइन के बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। साथ ही, छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने को भी कहा गया।

इसके अलावा, ‘ऑपरेशन मनचला’ के तहत सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे मनचलों और शोहदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों से संवाद कर ऐसे लोगों के बारे में जानकारी भी जुटाई।

‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’: शहर में व्यवस्था हुई चुस्त-दुरुस्त – शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सामनेघाट पर ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। इसमें बिना नंबर प्लेट, बिना हेलमेट और तीन सवारी वाले वाहनों पर कड़ी नजर रखी गई और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान किया गया।

पुलिस आयुक्त ने फुलवरिया, बौलिया, रथयात्रा, मालवीय चौराहा और सामनेघाट जैसे प्रमुख स्थानों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सड़कों पर अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। बौलिया-लहरतारा ओवरब्रिज पर लागू वन-वे डायवर्जन का भी निरीक्षण किया गया और यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए जरूरी निर्देश दिए गए।

कुल मिलाकर, वाराणसी पुलिस का यह अभियान जन सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव और सुगम यातायात सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय प्रयास है।

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