varanasi news: वाराणसी: काशी, जिसे मोक्ष की नगरी कहा जाता है, अपने आध्यात्मिक माहौल और भव्य मंदिरों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहाँ हर दिन लाखों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। कई बार भीड़ और नई जगह के कारण कुछ श्रद्धालु अपने परिवार से बिछड़ जाते हैं। ऐसा ही कुछ नेपाल से आईं एक 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ हुआ, जिन्हें वाराणसी पुलिस ने न सिर्फ ढूंढा बल्कि उनके परिवार से भी मिलाया।

यह घटना 20 सितंबर, 2025 की है। नेपाल के कपिलवस्तु, लुंबिनी की रहने वाली चित्रा कुमारी शर्मा अपने परिवार के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने आई थीं। भीड़ में अचानक वह अपने परिवार से बिछड़ गईं और रास्ता भटक गईं। घबराई हुई चित्रा कुमारी शर्मा किसी तरह दशाश्वमेध पुलिस स्टेशन पहुंचीं और अपनी आपबीती सुनाई।

पुलिस आयुक्त वाराणसी महोदय के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत, तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। चौक थाने के प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्र की टीम ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उप-निरीक्षक यशवंत सिंह ने बुजुर्ग महिला से बात की और उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद सर्विलांस, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर उनके परिवार वालों से संपर्क साधा गया।

जल्द ही, चित्रा कुमारी शर्मा के बेटे गोविंद राज शर्मा से संपर्क हो गया और उन्हें पुलिस स्टेशन बुलाया गया। अपनी मां को सुरक्षित देखकर गोविंद राज शर्मा की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। उन्होंने वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की जमकर तारीफ की। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नहीं है, बल्कि वह आम जनता के लिए एक सच्चा सहारा भी है।

इस सराहनीय कार्य में शामिल पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा, उप-निरीक्षक यशवंत सिंह और उप-निरीक्षक उमेश चंद्र विश्वकर्मा शामिल थे। उनकी तत्परता और संवेदनशीलता ने एक परिवार को फिर से मिला दिया।

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