वाराणसी पुलिस आयुक्त द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम किया गया लागू, व्यापारियों को मिलेगा लाभ। धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में FIR दर्ज कराने में अब नहीं काटने होंगे थाने के चक्कर। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की इस पहल से वाराणसी के साड़ी और अन्य व्यवसायों को मिलेगी सुरक्षा, जानिए कैसे काम करेगी नई SIT।
वाराणसी । धार्मिक और व्यापारिक नगरी वाराणसी के व्यापारियों को लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी समस्या से अब राहत मिलने वाली है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के द्वारा व्यापारियों के हितों का संज्ञान लेते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है—जी हाँ, वाराणसी पुलिस आयुक्त द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम किया गया लागू, व्यापारियों को मिलेगा लाभ!

यह पहल विशेष रूप से उन साड़ी और अन्य व्यवसायियों के लिए वरदान साबित होगी जो अक्सर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा धोखाधड़ी का शिकार होते हैं। ये लोग आपराधिक षडयंत्र रचकर माल प्राप्त कर लेते हैं और बिना भुगतान किए गायब हो जाते हैं। अब तक ऐसे मामलों में व्यापारियों को FIR दर्ज कराने के लिए थानों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब यह समस्या जड़ से खत्म होगी।

SIT का गठन: अब व्यापारियों की सुनवाई होगी तत्काल
पुलिस आयुक्त ने व्यापारियों की सुविधा और ऐसे गंभीर प्रकरणों की त्वरित जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है। यही सिंगल विंडो सिस्टम का मुख्य केंद्र होगा।
इस SIT में निम्न अधिकारी नियुक्त किए गए हैं:
- अध्यक्ष: पुलिस उपायुक्त अपराध
- सदस्य: अपर पुलिस उपायुक्त, प्रोटोकॉल
- सदस्य: सहायक पुलिस आयुक्त, अपराध
- सदस्य: प्रभारी विवेचना सेल
यह SIT प्रत्येक दिन दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे के बीच ऐसे प्रकरणों को स्वयं सुनेगी। यदि आवेदक द्वारा दिए गए साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आपराधिक कृत्य पाया जाता है, तो तत्काल नियमानुसार FIR दर्ज करने के निर्देश जारी किए जाएँगे।

न्याय की प्रक्रिया: पारदर्शिता और निष्पक्षता
वाराणसी पुलिस आयुक्त द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम किया गया लागू, व्यापारियों को मिलेगा लाभ—इसका अर्थ है पारदर्शी और निष्पक्ष जांच प्रक्रिया।
- द्वितीय पक्ष को मौका: जिन मामलों में SIT को द्वितीय पक्ष को सुनने की आवश्यकता महसूस होगी, उन प्रकरणों में FIR दर्ज करने से पहले एक-एक हफ्ते के अंतराल पर कम से कम 02 नोटिस जारी किए जाएँगे, ताकि उन्हें भी अपना पक्ष रखने का मौका मिले।
- सिविल मामलों का निपटारा: जो प्रकरण आपसी लेन-देन के पाए जाएँगे और आपराधिक कृत्य नहीं होगा, उनमें संबंधित पक्ष को सिविल न्यायालय की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।
- क्राइम ब्रांच करेगी विवेचना: जिन मामलों में FIR दर्ज की जाएगी, उनकी विवेचना क्राइम ब्रांच द्वारा की जाएगी, और विवेचना का पर्यवेक्षण SIT द्वारा किया जाएगा।

कठोर कार्रवाई की तैयारी: गैंगस्टर और गुंडा एक्ट
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि धोखाधड़ी/अपराध में कोई गिरोह बना कर कई व्यापारियों के साथ अपराध किया गया है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार गैंगेस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट की कार्यवाही भी की जाएगी। अभ्यस्त अपराधियों की एच.एस. (हिस्ट्री शीट) भी खोली जाएगी।

पुलिस उपायुक्त अपराध, कमिश्नरेट वाराणसी को इन मामलों की साप्ताहिक समीक्षा करने और अपर पुलिस आयुक्त, अपराध को हर 15 दिन में समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
वाराणसी पुलिस आयुक्त द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम किया गया लागू, व्यापारियों को मिलेगा लाभ—यह पहल न केवल व्यवसायियों को सुरक्षा का अहसास कराएगी, बल्कि वाराणसी में व्यापार के लिए एक बेहतर और सुरक्षित माहौल भी तैयार करेगी।



