वाराणसी: एक सुरक्षित समाज में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है, और जब बात बच्चों या महिलाओं के अपहरण जैसे गंभीर मामलों की हो तो पुलिस की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसी दिशा में वाराणसी पुलिस ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। कमिश्नरेट वाराणसी के जोन वरूणा में लंबित अपहरण के मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को पुलिस ऑफिस में हुई इस बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस उपायुक्त, महिला अपराध, नम्रिता श्रीवास्तव ने की। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित अपहरण के मामलों को जल्द से जल्द और कानूनी तरीके से निपटाना था।
जांच अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश – बैठक में जोन वरूणा के सभी जांच अधिकारी (विवेचक) मौजूद थे। नम्रिता श्रीवास्तव ने एक-एक मामले की बारीकी से समीक्षा की और जांच अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने समझाया कि इन मामलों को सुलझाने के लिए किन-किन कानूनी पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है और कैसे जांच को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि इन मामलों को हल्के में न लिया जाए और हर संभव प्रयास करके पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। उन्होंने सभी विवेचकों को आदेश दिया कि वे अपनी जांच को तेजी से आगे बढ़ाएं और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जल्द से जल्द इन मामलों का निस्तारण करें।
पीड़ितों के लिए उम्मीद की एक नई किरण – पुलिस प्रशासन द्वारा की गई यह पहल उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जिनके अपने अभी भी लापता हैं। यह दिखाता है कि वाराणसी पुलिस नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। जब पुलिस इस तरह से संगठित होकर काम करती है, तो अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं और समाज में कानून-व्यवस्था का राज स्थापित होता है।
इस बैठक से यह साफ है कि आने वाले दिनों में लंबित अपहरण के मामलों में तेजी से कार्रवाई देखने को मिलेगी, जिससे न सिर्फ पीड़ितों को न्याय मिलेगा बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी मजबूत होगा।




