बचाव पक्ष के वकीलों, अनुज यादव, नागेश्वर प्रसाद “आकाश”, पवन सिंह राजपूत और संदीप यादव ने अदालत के समक्ष संचालकों की जमानत की अर्जी दी।

वाराणसी। शहर के चर्चित अंशिका गेस्ट हाउस में अवैध रूप से सेक्स रैकेट और हुक्का बार चलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो सगे भाइयों को अदालत से बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नितिन पांडेय की अदालत ने दोनों संचालकों, सर्वेश सिंह और अर्जुन सिंह, को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

यह मामला इस महीने की शुरुआत में तब सामने आया था, जब क्राइम ब्रांच और एसओजी की टीम को बाबतपुर स्थित अंशिका गेस्ट हाउस में देह व्यापार चलाए जाने की पुख्ता जानकारी मिली थी। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 6 अगस्त, 2025 को गेस्ट हाउस पर छापा मारा। इस छापेमारी ने मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मचा दिया।

पुलिस ने जब गेस्ट हाउस की तलाशी ली, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। एक तरफ जहां अवैध हुक्का बार का संचालन हो रहा था, वहीं दूसरी ओर देह व्यापार का घिनौना खेल भी चल रहा था। पुलिस को मौके से कई हुक्के, आपत्तिजनक सामग्री, इस्तेमाल किए हुए और नए कंडोम के पैकेट और शक्तिवर्धक दवाएं बरामद हुईं।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गेस्ट हाउस के संचालक, बड़गांव थाना क्षेत्र के खटौरा गांव निवासी, दो सगे भाइयों सर्वेश सिंह और अर्जुन सिंह समेत कुल दस युवकों और चार युवतियों को हिरासत में लिया था। पकड़ी गई युवतियों में से एक पटना, एक आजमगढ़ और दो वाराणसी की रहने वाली थीं।

पुलिस की पूछताछ में युवतियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गेस्ट हाउस के संचालक सर्वेश और अर्जुन ही उन्हें ग्राहकों के पास भेजते थे और इस पूरे रैकेट को चलाते थे। इस बयान के आधार पर फूलपुर थाने में सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था।

अब इस मामले में नया मोड़ आया है। बचाव पक्ष के वकीलों, अनुज यादव, नागेश्वर प्रसाद “आकाश”, पवन सिंह राजपूत और संदीप यादव ने अदालत के समक्ष संचालकों की जमानत की अर्जी दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, विशेष न्यायाधीश नितिन पांडेय ने सर्वेश सिंह और अर्जुन सिंह को एक-एक लाख रुपए की दो जमानतों और इतनी ही धनराशि का बंध पत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश सुनाया। इस फैसले के बाद दोनों भाइयों को जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

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