वाराणसी। पूर्वांचल सहित वाराणसी के लोगों के लिए मौसम को लेकर एक बड़ी चेतावनी सामने आ रही है। अगर आप पिछले दो-तीन दिनों की हल्की राहत से यह समझ रहे हैं कि ठंड विदा हो रही है, तो सावधान हो जाइए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, गलन का दौर जल्द ही दोबारा लौटने वाला है। प्री-पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से भले ही तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन विक्षोभ के गुजरते ही पछुआ हवाएं फिर से ठिठुरन बढ़ाएंगी।

मंगलवार से बदल सकता है मौसम का मिजाज – माना जा रहा है कि मंगलवार से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम फिर से पलटी मारेगा और गलन का दौर शुरू हो जाएगा। सोमवार की सुबह मामूली कोहरा देखा गया और पारा अभी भी न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। हालांकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे फिलहाल लोगों को गलन से कुछ राहत मिली है, लेकिन यह राहत बहुत कम समय के लिए है।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में यलो अलर्ट – मौसम विभाग ने 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि एक पश्चिमी विक्षोभ अभी पहाड़ों से होकर गुजर रहा है, जबकि दूसरे विक्षोभ का असर जल्द ही पहुंचने वाला है। पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी का सीधा असर मैदानी क्षेत्रों में दिखेगा। मैदानी इलाकों में बर्फीली पछुआ हवाएं चलने से गलन का दौर और कोहरे का प्रभाव फिर से गहराने की आशंका है।

मकर संक्रांति के बाद और बढ़ेगी ठिठुरन – मकर संक्रांति के बाद से इस महीने के आखिर तक बर्फीली हवाओं का रुख बना रह सकता है। इसकी वजह से दिन में खिलने वाली धूप भी बेअसर साबित हो सकती है। वातावरण में नमी और गलन भरी हवाओं के कारण धूप के बावजूद लोगों को ठंड महसूस होगी। फिलहाल, धूप खिलने से ट्रेनों और विमानों का संचालन बेहतर हुआ है, लेकिन कोहरे की वापसी से दोबारा सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

पिछले 24 घंटों के आंकड़े: वाराणसी में पिछले 24 घंटों के तापमान का विवरण इस प्रकार है: अधिकतम तापमान: 23.4°C (सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक) न्यूनतम तापमान: 8.8°C (सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक) आर्द्रता (Humidity): न्यूनतम 72% और अधिकतम 95% सीजन में लंबे समय के बाद पारा सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि वातावरण में नमी अधिक है और जैसे ही हवा का रुख बदलेगा, गलन का दौर और तीव्र हो जाएगा।

वाराणसी और पूर्वांचल के निवासियों को अभी गर्म कपड़े पैक करने की जरूरत नहीं है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे ठंड और ठिठुरन की वापसी तय है।

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