वाराणसी। महीनों से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को लालपुर-पांडेयपुर थाने की पुलिस टीम ने आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के गंभीर मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त ‘कुली’ को पुलिस ने सोमवार को एक मोड़ से धर दबोचा। इस गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने किशोरी को भी सकुशल बरामद कर लिया था, जिससे पीड़िता के परिवार ने राहत की सांस ली है।

क्या है पूरा मामला? – यह मामला इसी साल 25 फरवरी का है, जब एक महिला ने लालपुर-पांडेयपुर थाने में अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बहन के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी तहरीर में उसने आरोप लगाया था कि कुली नाम का युवक उसकी बहन को बहला-फुसलाकर कहीं भगा ले गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 137(2) और 87 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पहले किशोरी बरामद, फिर आरोपी गिरफ्तार – मामले की जांच कर रहे उप-निरीक्षक जगदम्बा प्रसाद यादव और उनकी टीम आरोपी और किशोरी की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस की मेहनत तब रंग लाई जब 31 अगस्त 2025 को उन्होंने सबसे पहले अपहृता/पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया। किशोरी के मिल जाने के बाद पुलिस का पूरा ध्यान फरार आरोपी कुली पर टिक गया।
सोमवार, 1 सितंबर को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी कुली अनौला गांव के पास देखा गया है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और सुबह करीब 11:45 बजे अनौला गांव के मोड़ के पास से आरोपी कुली को गिरफ्तार कर लिया।
कौन है गिरफ्तार आरोपी? – गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुली (उम्र करीब 25 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय शारदा, निवासी अलोनी, लालपुर के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और उसे जेल भेजने की तैयारी में है।
यह गिरफ्तारी शहर में पुलिस आयुक्त द्वारा चलाए जा रहे उस विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत गुमशुदा लोगों की बरामदगी और फरार अपराधियों की धरपकड़ पर जोर दिया जा रहा है। इस सफल ऑपरेशन के लिए वरुणा जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने लालपुर-पांडेयपुर पुलिस टीम की सराहना की है।




