वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में, जहाँ एक ओर सरकारें पथ विक्रेताओं के उत्थान के लिए योजनाएं बना रही हैं, वहीं दूसरी ओर उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इसी विषय पर गंभीरता से चर्चा करने के लिए हाल ही में भारतीय पथ विक्रेता संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक संस्था के सेनपुरा स्थित कार्यालय में आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य मुद्दा वाराणसी पुलिस द्वारा पथ विक्रेताओं के प्रति किया जा रहा अनुचित व्यवहार था। वक्ताओं ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा न सिर्फ उन्हें परेशान किया जा रहा है, बल्कि उनके व्यवसाय को भी हटाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब प्रधानमंत्री खुद इन छोटे व्यवसायियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर ये योजनाएं लागू होने के बजाय, स्थिति इसके विपरीत दिख रही है।

पथ विक्रेताओं का कहना है कि इस उत्पीड़न के कारण उनके परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। बैठक में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई—वाराणसी में कई टेंपो स्टैंड तो बन गए हैं, लेकिन टाउन वेंडिंग कमेटी के तहत अब तक एक भी वेंडिंग जोन स्थापित नहीं हो पाया है, जो कि एक बड़ी समस्या है।
धर्मेंद्र पांडेय को मिली नई जिम्मेदारी – संगठन को मजबूत बनाने और पथ विक्रेताओं के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से, समाजसेवी और सुशासन समन्वय विभाग के जिला संयोजक धर्मेंद्र पांडेय को भारतीय पथ विक्रेता संघ का महानगर सचिव नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति के बाद उनका भव्य स्वागत किया गया।
इस नई जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए, धर्मेंद्र पांडेय ने कहा, “मैं पथ विक्रेताओं के हक की लड़ाई पूरी ताकत से लडूंगा। मैं उनके उत्पीड़न को हर हाल में रोकने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा।”
इस बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष बांकेलाल ने की, जबकि इसका संचालन संस्थापक संयोजक आशीष कुमार गुप्ता ने किया। बैठक में रोशन अग्रहरि, सुनील केसरी, शशि भूषण, रूपेश कुमार जायसवाल, मंगल सिंह, देवेंद्र शाह, सीमा पांडे, सूरज पांडे, शिवजी चौरसिया, ममता गुप्ता, जमुना गुप्ता, गणेश चौरसिया, प्रमोद सिंह, राजा बाबू जायसवाल, शिवकुमार जायसवाल, और समाजसेविका काजल तिवारी व पिंकी श्रीवास्तव सहित कई प्रमुख सदस्य और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यह देखना होगा कि धर्मेंद्र पांडेय की नई भूमिका पथ विक्रेताओं के जीवन में क्या बदलाव लाती है और क्या वाराणसी में वेंडिंग जोन स्थापित करने की मांग पूरी हो पाती है।




