अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हिमांचल सिंह और उनके सहयोगी नीरज कुमार गौंड और मखंचू कुमार ने पक्ष रखा
वाराणसी। धर्म परिवर्तन के आरोप में फँसे एक युवक को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट, द्वितीय) नितिन पांडे की अदालत ने इस मामले में आरोपी जावेद उर्फ अज़हरुद्दीन को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
आरोपी को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और एक बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया गया है। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हिमांचल सिंह और उनके सहयोगी नीरज कुमार गौंड और मखंचू कुमार (एमके) ने आरोपी का पक्ष रखा।

क्या था पूरा मामला? – यह पूरा मामला तब सामने आया जब पाण्डेयपुर की नई बस्ती निवासी एक पीड़िता ने चेतगंज थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, जावेद नाम का एक युवक कई दिनों से उसका पीछा कर रहा था।
8 जुलाई 2025 को सुबह 8 बजे, जब वह रामकटोरा इलाके में थी, तब जावेद ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि जावेद उसे धर्म परिवर्तन कर उससे शादी करने के लिए धमका रहा था और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया और चिल्लाई, तो उसने उसके साथ मारपीट भी की।
इस घटना के बाद पुलिस ने जावेद पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। अब अदालत के इस फैसले के बाद, इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी।




