राजस्थान के पाली जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 15 साल की किशोरी को उसके ही माता-पिता ने जंजीरों से बाँध रखा है। यह जानकर किसी का भी दिल पसीज जाए, लेकिन इसके पीछे की वजह और भी दर्दनाक है।

आखिर क्यों बांधी गई मासूम? – यह मामला पाली जिले के रोहट क्षेत्र का है। करीब तीन महीने पहले एक ज़मीन विवाद में किशोरी के सिर पर लाठी लग गई थी। इस घटना के बाद से उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। एक शांत और मासूम बच्ची अचानक अजीब हरकतें करने लगी। वह कभी घर से बिना बताए निकल जाती, कभी अपने कपड़े फाड़ लेती, तो कभी गाँव की महिलाओं पर हमला कर देती। हालत इतनी बिगड़ गई कि वह मिट्टी और सीमेंट तक खाने लगी।

लाचार माता-पिता ने बताया कि उन्होंने हर संभव इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन हालात सुधरने की बजाय बिगड़ते चले गए। जब वह खुद को या दूसरों को नुकसान पहुँचाने लगी, तो मजबूरी में उन्हें उसे जंजीरों से बाँधना पड़ा। उसका हर दिन उसी पलंग पर बीत रहा था, जहाँ वह जंजीरों में कैद थी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो और प्रशासन की पहल – जब इस किशोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पाली के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. विकास मारवाल ने तुरंत इसका संज्ञान लिया। उन्होंने तुरंत एक टीम मौके पर भेजी। डिप्टी CMHO डॉ. वेदांत गर्ग ने परिजनों से बात की और किशोरी को पाली के बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया।

बीमारी का पता चला और इलाज शुरू – अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. दलजीत सिंह राणावत ने किशोरी की जाँच की। उन्होंने बताया कि किशोरी साइकोसिस डिसऑर्डर से पीड़ित है। यह बीमारी सिर पर लगी चोट और मानसिक सदमे के कारण हुई है। इस बीमारी में मरीज असली और काल्पनिक दुनिया में फर्क नहीं कर पाता, उसे अजीब आवाजें सुनाई देती हैं और वह ऐसी चीजें देखता है जो असल में होती ही नहीं हैं।

डॉक्टरों ने यह भी बताया कि यह बीमारी पूरी तरह इलाज योग्य है। सही समय पर देखभाल और दवाइयों से किशोरी एक सामान्य जीवन जी सकती है। फिलहाल, उसका इलाज शुरू हो चुका है और विशेषज्ञों की टीम लगातार उसकी हालत पर नज़र रख रही है।

यह घटना हमें समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी को दिखाती है। उम्मीद है कि सही इलाज से यह किशोरी जल्द ठीक होकर अपनी जिंदगी फिर से शुरू कर पाएगी।

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