चमोली, उत्तराखंड : आज, 16 जुलाई 2025 को, ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने उत्तराखंड के सभी निवासियों को हरेला पर्व और श्रावण संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। महाराष्ट्र के मुंबई में अपना चातुर्मास्य व्रत कर रहे शंकराचार्य जी ने एक विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से यह संदेश प्रेषित किया।

हरेला: पर्यावरण संरक्षण का महापर्व

अपने संदेश में, ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य जी महाराज ने हरेला के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए समर्पित है। उन्होंने इस अवसर पर सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि हम अपनी वसुंधरा को हमेशा हरा-भरा रखें और पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त बनाएं। यह संदेश ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।

श्रावण संक्रांति: आरोग्यता और कल्याण की कामना

शंकराचार्य जी ने आगे कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में श्रावण संक्रांति से श्रावण मास की शुरुआत हो गई है। उन्होंने इस शुभ अवसर पर सभी भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान आशुतोष (शिव) से प्रार्थना की कि सभी लोग निरोगी और स्वस्थ रहें। श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान भक्त उनकी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। शंकराचार्य जी का यह संदेश आध्यात्मिक कल्याण के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी जोर देता है।

शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने यह जानकारी दी। यह निश्चित रूप से उत्तराखंड और देश भर के भक्तों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है, जो उन्हें प्रकृति से जुड़ने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

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