वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल व संदीप यादव ने पक्ष रखा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की न्यायधानी वाराणसी में हेमंत पटेल हत्याकांड में आरोपित स्कूल प्रबंधक के पुत्र को कोर्ट से फिर राहत नहीं मिली है। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल वकीलों बल्कि आम जनता के बीच भी काफी आक्रोश पैदा किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने आरोपित की दूसरी जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी है।
बहुचर्चित अधिवक्ता पुत्र हेमंत पटेल हत्याकांड में आरोपित स्कूल प्रबंधक के पुत्र को कोर्ट से फिर राहत नहीं मिली, क्योंकि अभियोजन पक्ष और वादी के अधिवक्ताओं ने घटना की क्रूरता को कोर्ट के सामने पुरजोर तरीके से रखा। खुशहाल नगर, नटिनियांदाई निवासी आरोपित राज विजयेंद्र सिंह उर्फ राज विजेंद्र सिंह उर्फ रवि की द्वितीय जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार बनाकर उसे जेल में ही रखने का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल व संदीप यादव ने अपनी सशक्त पैरवी की और दलील दी कि यह एक सुनियोजित हत्या है।
प्रकरण के अनुसार, सिंधौरा निवासी वादी कैलाश चंद्र वर्मा (एडवोकेट) ने शिवपुर थाने में इस हत्याकांड की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घटना का विवरण दिल दहला देने वाला है: 22 अप्रैल 2025 की दोपहर करीब 1 बजे, आरोपित राज विजयेंद्र सिंह ने हेमंत पटेल को फोन कर अपने विद्यालय बुलाया। हेमंत को लाने के लिए शशांक और किशन नाम के दो युवकों को भेजा गया था। दोपहर 2:03 बजे सूचना मिली कि विद्यालय परिसर के प्रबंधक कक्ष में राज विजयेंद्र सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से हेमंत पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी है।
इस वारदात के बाद हेमंत पटेल हत्याकांड में आरोपित स्कूल प्रबंधक के पुत्र को कोर्ट से फिर राहत नहीं मिली है, क्योंकि पुलिस ने अगले ही दिन उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और अब कोर्ट ने भी उसकी रिहाई से इनकार कर दिया है। इस हत्याकांड के बाद वाराणसी के अधिवक्ताओं में भारी रोष देखने को मिला था। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वकीलों ने कई दिनों तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की। पुलिस के निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद ही अधिवक्ता शांत हुए थे।
आज की कानूनी कार्यवाही से यह स्पष्ट हो गया है कि हेमंत पटेल हत्याकांड में आरोपित स्कूल प्रबंधक के पुत्र को कोर्ट से फिर राहत नहीं मिली है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय की एक उम्मीद जगी है।




