नेपाल बॉर्डर पर घेराबंदी कर दबोचे गए कफ सिरप कांड के तस्कर

वाराणसी। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को नशे के अवैध कारोबार और हवाला नेटवर्क के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाराणसी कफ सिरप तस्करी कांड में लंबे समय से फरार चल रहे और देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में लगे 3 मुख्य अभियुक्तों को पुलिस और एसआईटी (SIT) की टीम ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्तों में दो पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत, वाराणसी कफ सिरप तस्करी कांड के वांछित अभियुक्तों की तलाश तेज थी। सर्विलांस और साइबर सेल से मिले सटीक इनपुट के आधार पर कोतवाली पुलिस और SIT ने सिद्धार्थनगर जिले के नेपाल बॉर्डर रोड पर घेराबंदी की। दिनांक 27.01.2026 को पुलिस ने तीन अभियुक्तों आकाश पाठक उर्फ लल्ली (निवासी मैदागिन, वाराणसी) – 50,000/- का इनामी। विकास सिंह नरवे (निवासी आजमगढ़) – 50,000/- का इनामी। अंकित कुमार श्रीवास्तव (निवासी जौनपुर) – वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अभियुक्तों ने बताया कि वे शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल के साथ मिलकर कफ सिरप (न्यू फेसेडिल, ओनरेक्स आदि) का अवैध व्यापार कर रहे थे। वाराणसी कफ सिरप तस्करी कांड की कार्यप्रणाली कुछ इस तरह थी फर्जी फर्मों का खेल: अभियुक्तों ने ‘पूर्वांचल एसोसिएट्स’ और ‘देवनाथ फार्मेसी’ जैसी कई फर्जी फर्में खुलवाईं। कागजों पर सप्लाई: ‘शैली ट्रेडर्स’ जैसी कंपनियों से माल की बिलिंग केवल कागजों पर दिखाई जाती थी, जबकि असल में कफ सिरप की खेप बिहार और पश्चिम बंगाल के रास्ते त्रिपुरा होते हुए बांग्लादेश भेजी जा रही थी। हवाला नेटवर्क: तस्करी से मिलने वाली मोटी रकम को हवाला के जरिए ठिकाने लगाया जाता था। अभियुक्त विकास सिंह ने कुबूल किया कि उसने करीब 6 लाख कफ सिरप की बोतलों की तस्करी कर करोड़ों रुपये कमाए, जिससे वह ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा था।

थाना कोतवाली में इन अभियुक्तों के विरुद्ध मु०अ०सं०-235/2025 के तहत धारा 26 डी NDPS एक्ट और बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं जैसे 61(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं 8/21/29 NDPS एक्ट में मामला पंजीकृत है। इनके खिलाफ पहले ही लुक आउट नोटिस और गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी हो चुका था। इस बड़े ऑपरेशन को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दया शंकर सिंह के नेतृत्व में SIT टीम के उपनिरीक्षक विकास पाण्डेय, अंकित सिंह, मनीष सिंह, अजीत मौर्य, अमन सिंह और सर्विलांस सेल के अश्विनी सिंह व साइबर सेल के विराट सिंह ने अंजाम दिया।

    वाराणसी कफ सिरप तस्करी कांड में इन गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सफेदपोश व्यापारियों और फर्जी फर्म संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *