वाराणसी में Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme-3.0 के तहत छात्र-छात्राओं ने वृद्धाश्रम और अनाथालय का भ्रमण किया। पुलिस आयुक्त के निर्देशन में जारी इस 30 दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना है।
वाराणसी। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, असली सबक समाज के बीच रहकर सीखे जाते हैं। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन और नम्रिता श्रीवास्तव (अपर पुलिस उपायुक्त, महिला अपराध) के कुशल पर्यवेक्षण में Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme-3.0 का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के तहत हाल ही में छात्र-छात्राओं को वाराणसी के विभिन्न वृद्धाश्रमों और अनाथालयों का भ्रमण कराया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य छात्रों के भीतर सहानुभूति, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी के बीजों को अंकुरित करना था।
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में संचालित यह 30 दिवसीय Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme-3.0 वाराणसी कमिश्नरेट के 18 थानों पर चलाया जा रहा है। 14 जनवरी 2026 से शुरू हुए इस अभियान में छात्रों को न केवल पुलिसिंग सिखाई जा रही है, बल्कि उनके ‘पीपल स्किल’ (People Skill) को भी निखारा जा रहा है।
इस प्रोग्राम के मुख्य आकर्षण: व्यावहारिक प्रशिक्षण: कानून, साइबर क्राइम, मानव तस्करी और यातायात नियंत्रण जैसे विषयों पर 120 घंटे की ट्रेनिंग। डिजिटल पंजीकरण: सभी छात्रों का mybharat.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। नोडल अधिकारी: हर थाने पर एक उप-निरीक्षक को छात्रों के मार्गदर्शन के लिए तैनात किया गया है। प्रमाण पत्र: सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
दिनांक 31-01-2026 और 02-02-2026 को SPEL Programme-3.0 के छात्रों ने जब वृद्धाश्रम की चौखट पर कदम रखा, तो नजारा देखने लायक था। छात्रों ने अपने हाथों से बुजुर्गों को फल भेंट किए। बुजुर्गों की आंखों में चमक और चेहरों पर मुस्कान ने यह साबित कर दिया कि दुनिया में ‘समय और सम्मान’ से बड़ा कोई उपहार नहीं है।
“यह भ्रमण केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि छात्रों के जीवन में एक ठोस बदलाव लाने की कोशिश थी। युवाओं ने बुजुर्गों के अनुभवों को सुना और उनके अकेलेपन को अपनी बातों से भरने का प्रयास किया।”
अक्सर पाठ्यपुस्तकें वह नहीं सिखा पातीं जो एक अनाथ बच्चे की मुस्कान या एक बुजुर्ग का आशीर्वाद सिखा देता है। इस भ्रमण के माध्यम से छात्रों ने समझा कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए संवेदनशील होना कितना जरूरी है। Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme-3.0 के माध्यम से वाराणसी पुलिस युवाओं को न केवल कानून का जानकार बना रही है, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान के रूप में भी तैयार कर रही है।
इस सफल आयोजन के पीछे अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध, कमिश्नरेट वाराणसी का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने युवाओं को समाज के इस संवेदनशील पहलू से रूबरू कराया।



