वाराणसी (BM Breaking News): अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जहाँ पूरी दुनिया महिलाओं के सम्मान की बात कर रही थी, वहीं वाराणसी की खोजवा पुलिस ने एक बिछड़ी हुई बेटी को उसकी माँ से मिलाकर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की है। खोजवा चौकी प्रभारी मनोज चौहान की तत्परता ने एक घर के बुझते हुए चिराग को फिर से रोशन कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, सरायनंदन खोजवा की निवासिनी रोशनी चौरसिया, पुत्री संतोष चौरसिया, घरेलू अनबन या किसी बात पर नाराज होकर अचानक घर से कहीं चली गई थी। नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने से परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटी के गम में माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। आलम यह था कि बेटी की तलाश में दर-दर भटक रही माँ बदहवास होकर बेहोश हो गई थी। पूरा परिवार किसी अनहोनी की आशंका से डरा हुआ था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए खोजवा चौकी प्रभारी मनोज चौहान ने तुरंत मोर्चा संभाला। अपनी टीम के साथ उन्होंने तत्परता और जागरूकता दिखाते हुए संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू की। पुलिस की सक्रियता का ही परिणाम था कि कुछ ही घंटों के भीतर रोशनी चौरसिया को सकुशल ढूंढ निकाला गया।

जब पुलिस ने नाबालिग लड़की को सही-सलामत लाकर उसके परिजनों को सुपुर्द किया, तो वहाँ का माहौल भावुक हो गया। अपनी बेटी को सामने देख बेहोश माँ की आँखों में खुशी के आँसू छलक पड़े। परिजनों ने कहा कि खोजवा चौकी प्रभारी ने महिला दिवस पर एक माँ को उसकी बेटी वापस सौंपकर पुलिस विभाग का मान बढ़ाया है।

कृतज्ञ परिजनों ने खुशी में चौकी प्रभारी मनोज चौहान और उनकी टीम का मुँह मीठा कराया और वाराणसी पुलिस का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।

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