वाराणसी। धर्म नगरी काशी के व्यापारिक जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। वाराणसी के सबसे बड़े व्यापार मंडल, महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष और व्यापारियों के चहेते नेता प्रेम मिश्रा (Prem Mishra) का अचानक हृदय गति रुक जाने (हार्ट अटैक) से निधन हो गया है। प्रेम मिश्रा के निधन की सूचना मिलते ही पूरे शहर और व्यापारिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
भोर में अचानक बिगड़ी तबीयत – प्रेम मिश्रा के छोटे भाई त्रिलोकी मिश्रा ने बताया कि 12 मार्च की भोर में लगभग 4:00 बजे उनकी पत्नी ने जानकारी दी कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई है। परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले गए, लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुबह होते ही उनके कबीर चौरा स्थित आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
व्यापारी समाज के लिए अपूरणीय क्षति – प्रेम मिश्रा काशी के व्यापारियों की मुखर आवाज माने जाते थे। महानगर उद्योग व्यापार समिति के संरक्षक आर.के. चौधरी ने कहा कि प्रेम मिश्रा का जाना उद्योग-व्यापार जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने अपना पूरा जीवन व्यापारियों के हितों के लिए समर्पित कर दिया।
वहीं, महामंत्री अशोक जायसवाल ने भावुक होते हुए कहा कि सबके सुख-दुख में 24 घंटे साथ खड़े रहने वाले हमारे अभिभावक प्रेम भैया अब हमारे बीच नहीं रहे। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के अध्यक्ष सनी जौहर ने भी प्रेम मिश्रा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके अंडर में बनारस के 75 व्यापारी संगठन एकजुट होकर कार्य करते थे।
दलगत राजनीति से ऊपर थे प्रेम मिश्रा – वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह “बग्गा” ने भी प्रेम मिश्रा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भले ही संगठन अलग-अलग थे, लेकिन व्यापारियों की समस्या आने पर प्रेम मिश्रा हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहते थे। हाल ही में उन्होंने रामनगर के एक ऐसे व्यापारी की मदद की थी, जो उनके संगठन का हिस्सा भी नहीं था, जो उनकी उदारता का जीता-जागता उदाहरण है।
मणिकर्णिका घाट पर होगा अंतिम संस्कार – प्रेम मिश्रा के परिवार ने जानकारी दी कि उनके बड़े भाई और बनारस घराने के प्रख्यात कलाकार पंडित धर्मनाथ मिश्रा लखनऊ से वाराणसी के लिए रवाना हो चुके हैं। उनके पहुंचने के बाद प्रेम मिश्रा की अंतिम शव यात्रा पिपलानी कटरा (कबीर चौरा) स्थित आवास से निकाली जाएगी और मोक्षदायिनी मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।





