वाराणसी: मोक्षदायिनी गंगा की लहरों पर सैर करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर वाराणसी पुलिस अब बेहद सख्त रुख अपना रही है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना लाइफ जैकेट नहीं चलेगी नाव, ओवर लोडिंग करने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही। बुधवार को यातायात सभागार में नाविकों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण गोष्ठी में पुलिस कमिश्नर ने सुरक्षा मानकों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि काशी आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासन ने अब गंगा में अवैध रूप से चल रही नावों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय निम्नलिखित हैं अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: अगले सप्ताह से सभी नावों का पंजीकरण (Registration) अनिवार्य होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी नाव गंगा में संचालित नहीं हो सकेगी। अतिथि देवो भव: नाविकों को निर्देशित किया गया है कि वे श्रद्धालुओं के साथ ‘अतिथि’ जैसा विनम्र व्यवहार करें। किराये पर लगाम: पर्यटकों से अतिरिक्त किराया वसूलने की शिकायतों पर सख्त संज्ञान लिया जाएगा। नाविक निर्धारित रेट पर ही नौकायन कराएं।

गोष्ठी के दौरान पुलिस आयुक्त ने तीन ऐसे नाविकों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर डूबते हुए लोगों को बचाया। उनके अदम्य साहस की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया गया आकाश साहनी (भदैनी, भेलूपुर), छोटू साहनी (शिवाला), राकेश साहनी (गणेश महल)।

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने दो-टूक शब्दों में कहा कि बिना लाइफ जैकेट नहीं चलेगी नाव, ओवर लोडिंग करने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही। इसके लिए निम्नलिखित नियम कड़ाई से लागू होंगे – लाइफ जैकेट अनिवार्य: नाव में बैठने वाले हर यात्री को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध: क्षमता से अधिक यात्री बैठाने पर नाव को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। सुरक्षा उपकरण: हर नाव में रस्सी, टॉर्च और प्राथमिक उपचार किट (First Aid Box) होना जरूरी है। गहरे पानी से बचाव: नाविकों को केवल निर्धारित सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करने को कहा गया है। तेज धारा या भंवर वाले क्षेत्रों में जाना प्रतिबंधित है।

अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) शिवहरी मीणा और अन्य उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में यह स्पष्ट किया गया कि नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यदि लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित नाविक के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

    निष्कर्ष: वाराणसी पुलिस का यह कदम न केवल पर्यटन को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि गंगा घाटों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में भी मील का पत्थर साबित होगा। नाविकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदार नागरिक बनें और प्रशासन का सहयोग करें।

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