वाराणसी: धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में अपराध के डिजिटल नेटवर्क पर वाराणसी पुलिस का प्रहार जारी है। ताज़ा मामले में हॉर्स रेसिंग के नाम पर चल रहा था ऑनलाइन जुआ, जिसका भंडाफोड़ वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल द्वारा गठित साइबर सेल की ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ टीम ने किया है। पुलिस ने इस काले कारोबार में लिप्त मुख्य आरोपी राघवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
साइबर सेल और प्रतिबिंब टीम की बड़ी कामयाबी – वाराणसी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशानुसार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त (अपराध) आकाश पटेल, अपर पुलिस उपायुक्त नीतू कादयान और सहायक पुलिस आयुक्त विदूष सक्सेना के नेतृत्व में साइबर सेल ने यह बड़ी सफलता हासिल की है।
जांच के दौरान यह सामने आया कि हॉर्स रेसिंग के नाम पर चल रहा था ऑनलाइन जुआ, जिसके माध्यम से लोगों से मोटी रकम ऐंठी जा रही थी। साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक मनोज तिवारी, उपनिरीक्षक हिमांशु त्रिपाठी, उपनिरीक्षक दिव्या भदौरिया और आरक्षी अंकित कुमार गुप्ता की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को धर दबोचा।
सट्टेबाजी का ‘डिजिटल’ खेल और गिरफ्तारी – पुलिस के अनुसार, आरोपी राघवेंद्र सिंह लंबे समय से इंटरनेट के माध्यम से सट्टेबाजी का रैकेट चला रहा था। वह लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन हॉर्स रेसिंग में पैसा लगवाता था। आरोपी का नाम: राघवेंद्र सिंह कार्रवाई: प्रतिबिंब पोर्टल के इनपुट पर गिरफ्तारी। अगली कार्रवाई: आरोपी को सारनाथ पुलिस के सुपुर्द किया गया है, जहाँ उसका चालान कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
क्या है प्रतिबिंब पोर्टल और कैसे मिली सफलता? – वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए प्रतिबिंब पोर्टल टीम को विशेष रूप से सक्रिय किया है। यह पोर्टल संदिग्ध मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेन-देन पर रियल-टाइम नज़र रखता है। इसी तकनीक की मदद से पुलिस को पता चला कि हॉर्स रेसिंग के नाम पर चल रहा था ऑनलाइन जुआ, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया।
चेतावनी: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या ऑनलाइन सट्टेबाजी वाले प्लेटफॉर्म पर पैसा न लगाएं। यह न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाता है बल्कि आपको कानूनी पचड़े में भी डाल सकता है।





