वाराणसी: देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट, कैंट रेलवे स्टेशन-लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे बने “नाइट मार्केट” के दुकानदारों के लिए राहत की खबर आ सकती है। हाल ही में, समाजवादी व्यापार सभा ने नगर आयुक्त को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है, जिसमें इन दुकानदारों के पुनर्स्थापन की मांग की गई है। नगर आयुक्त ने भी इस मामले में सभी दुकानदारों को पुनर्स्थापित करने का आश्वासन दिया है। यह घटनाक्रम उन सैकड़ों छोटे व्यापारियों के लिए उम्मीद जगाता है, जिनका रोजगार इस नाइट मार्केट पर निर्भर करता था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, फ्लाईओवर के नीचे बने नाइट मार्केट को हाल ही में कुछ कारणों से हटाया गया था, जिससे वहां के दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इन दुकानदारों का कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या पुनर्वास योजना के हटाया गया है। इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी व्यापार सभा ने अपनी आवाज उठाई है।
समाजवादी व्यापार सभा की प्रमुख मांगें
समाजवादी व्यापार सभा ने नगर आयुक्त को सौंपे गए अपने मांग पत्र में कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करते हैं:
- श्रेया इंटरप्राइजेज की विश्वसनीयता: ठेका देने से पहले क्या श्रेया इंटरप्राइजेज की विश्वसनीयता की जांच की गई थी? यह सवाल इस पूरे मामले की पारदर्शिता पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है।
- स्मार्ट सिटी के अफसरों की भूमिका: स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हुए इस काम में अफसरों की क्या भूमिका थी और उनकी जांच कौन करेगा? यह मांग अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर देती है।
- व्यापारियों की आर्थिक क्षतिपूर्ति: नाइट मार्केट हटने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. इसकी भरपाई कैसे की जाएगी? यह मांग व्यापारियों के नुकसान की भरपाई और उनके पुनर्वास पर केंद्रित है।
- पुनर्वासन के बिना उजाड़ना: दुकानों को उजाड़ने से पहले उनके पुनर्वासन (बसाने) की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? यह सवाल प्रशासन की दूरदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल उठाता है।
- वेंडिंग जोन की स्थापना: रेहड़ी, पटरी, खुमचा और ठेला दुकानदारों के लिए नगर निगम द्वारा कब और कहां वेंडिंग जोन की स्थापना की जाएगी? यह मांग शहर में अनौपचारिक क्षेत्र के विक्रेताओं के लिए स्थायी समाधान की जरूरत पर प्रकाश डालती है।
नगर आयुक्त का आश्वासन: एक उम्मीद की किरण
समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष (समाजवादी व्यापार सभा) प्रदीप जायसवाल, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, पूर्व उपसभापति (नगर निगम वाराणसी) डॉ. ओ.पी. सिंह और कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे, नगर आयुक्त को यह मांग पत्र सौंपा. बताया जा रहा है कि नगर आयुक्त ने सभी दुकानदारों को पुनर्स्थापित करने का आश्वासन दिया है।
यह आश्वासन निश्चित रूप से उन छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो अपनी आजीविका को लेकर चिंतित थे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस आश्वासन को कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारता है। वाराणसी के लाखों लोग और विशेष रूप से ये दुकानदार उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उन्हें एक स्थायी और सम्मानजनक जगह मिलेगी, जहां वे अपना व्यवसाय दोबारा शुरू कर सकें।





