वाराणसी: पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कैंट थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाराणसी पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को धर दबोचा है, जिसे न्यायालय द्वारा जिला बदर घोषित किया गया था, लेकिन वह आदेशों की अवहेलना कर शहर में ही छिपकर रह रहा था।
पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति – वाराणसी में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन और सहायक पुलिस आयुक्त सर्किल कैण्ट के प्रभावी पर्यवेक्षण में पुलिस की टीमें लगातार वांछित और आदतन अपराधियों की धर-पकड़ कर रही हैं।
कौन है गिरफ्तार अभियुक्त? – गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुरेश कुमार मौर्या (उम्र 41 वर्ष) पुत्र स्व. बचाऊ के रूप में हुई है। वह महावीर मन्दिर, अर्दली बाजार, थाना कैण्ट, वाराणसी का निवासी है।
घटना का संक्षिप्त विवरण: न्यायालय पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा वाद संख्या 196/2025 (उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970) के तहत सुरेश कुमार मौर्या को 25 मार्च 2026 से 6 महीने के लिए जिला बदर किया गया था। इस आदेश की तामीला 27 मार्च 2026 को ही करा दी गई थी। इसके बावजूद, अभियुक्त कानून की धज्जियां उड़ाते हुए अपने घर पर लुक-छिपकर रह रहा था।
अभियुक्त का लंबा आपराधिक इतिहास – सुरेश कुमार मौर्या एक अभ्यस्त अपराधी है, जिस पर चोरी, मारपीट, जालसाजी और कॉपीराइट एक्ट जैसे कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। कैंट थाने में दर्ज उसके आपराधिक इतिहास का विवरण निम्न है : मु.अ.स. 0409/2018: धारा 380, 457, 504, 506 भादवि, मु.अ.स. 1263/2018: धारा 427, 447, 511 भादवि, मु.अ.स. 0415/2019: धारा 323, 342, 380, 427, 457, 504, 506 भादवि, मु.अ.स. 0541/2021: धारा 406 भादवि, मु.अ.स. 0063/2023: कॉपीराइट अधिनियम, मु.अ.स. 0471/2025: धारा 351(3), 352 बीएनएस, मु.अ.स. 0181/2026: धारा 3/10 उ.प्र. गुण्डा नियंत्रण अधिनियम।
कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक की टीम ने मुखबिर की सूचना पर 14 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2:40 बजे अभियुक्त के घर (महावीर मन्दिर के पास, अर्दली बाजार) से उसे गिरफ्तार किया। पुलिस अब अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही कर रही है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में शिवाकान्त मिश्र (प्रभारी निरीक्षक), उ.नि. उमा शंकर, उ.नि. बलवन्त कुमार, है.का. अखिलेश कुमार यादव, का. अतुल कुमार पाण्डेय शामिल रहे।




