वाराणसी आदमपुर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तेलियानाला घाट के पास से 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। जानें क्या थी हत्या की वजह।
वाराणसी। काशी कमिश्नरेट में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आदमपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। चर्चित वाराणसी आदमपुर हत्याकांड के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को घटना में शामिल पांच अभियुक्तों को तेलियानाला घाट और पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था मामला? (घटना का विवरण) – इस वाराणसी आदमपुर हत्याकांड की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को हुई थी। आवेदक के अनुसार, उसके छोटे भाई नीरज को मोहल्ले के ही कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश या आपसी विवाद के चलते घेर लिया था। आरोपियों ने एक राय होकर नीरज पर जानलेवा हमला कर दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि मौके पर ही नीरज की मृत्यु हो गई। इस संबंध में थाना आदमपुर में मु0अ0सं0-074/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
ईंट से सिर पर किया था वार – पुलिस की पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। सामूहिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि सक्काघाट मोहल्ले में हुई मारपीट के दौरान आरोपी रविंदर ने गुस्से में आकर ईंट से नीरज के सिर पर जोरदार प्रहार किया था। इसी प्रहार के कारण नीरज की जान चली गई। वाराणसी आदमपुर हत्याकांड के आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं और बार-बार अपनी गलती की माफी मांग रहे हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी – आदमपुर थाना प्रभारी विमल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने निम्नलिखित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है : रविंदर केवट (उम्र 32 वर्ष) – मुख्य आरोपी, जिसने ईंट से वार किया। भरत गुप्ता (उम्र 31 वर्ष), कन्हैया लाल केवट (उम्र 70 वर्ष), कल्लू केवट (उम्र 30 वर्ष), सुमन (उम्र 26 वर्ष)।
पुलिस टीम की तत्परता – इस वाराणसी आदमपुर हत्याकांड का खुलासा करने में प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा, महिला उपनिरीक्षक नेहा नायक, उपनिरीक्षक अजय कुमार, भृगुपति त्रिपाठी और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर तेलियानाला घाट से इन सभी को गिरफ्तार किया।
प्रशासन का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस हत्याकांड के खुलासे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।




