वाराणसी के दालमण्डी चौड़ीकरण (Dalmandi Widening) को लेकर एसीपी ने एक सख्त पत्र जारी किया है। प्रशासन ने मांगा है जल्द जवाब। जानिये आखिर क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है हड़कंप।
वाराणसी न्यूज़: काशी के प्रसिद्ध व्यापारिक क्षेत्र दालमण्डी में सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया के बीच एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। यह खबर इस समय पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। शासन की मंशानुरूप चल रहे इस कार्य में बाधा डालने और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के अंतर्गत दालमण्डी सड़क चौड़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। अधिकांश भवनों का ध्वस्तिकरण पहले ही पूरा हो चुका है और शेष पर काम जारी है। इसी बीच, सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) दशाश्वमेध, अतुल अंजान त्रिपाठी के द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। यह पत्र उन लोगों के खिलाफ है जिन पर कथित रूप से चौड़ीकरण कार्य में अवरोध उत्पन्न करने और समाज को भड़काने के गंभीर आरोप लगे हैं।
एसीपी ने पत्र में क्या कहा? – क्षेत्रवासियों द्वारा हस्ताक्षरित एक शिकायती पत्र मिलने के बाद 3 मई 2026 को जारी इस पत्र में एसीपी ने स्पष्ट रूप से कुछ व्यक्तियों के नाम उजागर किए हैं। पत्र के अनुसार, मुख्य रूप से इमरान अहमद बबलू, मोहम्मद आजम, फारूक खान, आदिल खान, शमशाद, मुख्तार अंसारी, मोहम्मद जाकिर नूर, अदनान खान, बादशाह अली, बाबू नकाब और अन्य लोगों पर आरोप है कि वे मुस्लिम समाज को भड़का रहे हैं और भड़काऊ भाषण दे रहे हैं। रजिस्ट्री न करने के लिए लोगों को उकसा रहे हैं। मुतवल्लियों के विरुद्ध माहौल बना रहे हैं। शासन-प्रशासन की टीम पर हमला करने और दंगा भड़काने जैसी साजिश रच रहे हैं।
‘जल्द से जल्द दे जवाब’, प्रशासन की सख्त चेतावनी – एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने पत्र के माध्यम से इन व्यक्तियों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल अपना अभिकथन (Statement) दर्ज कराएं और यदि उनके पास कोई सफाई या साक्ष्य है, तो उसे उपलब्ध कराएं। पत्र में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते जवाब नहीं दिया गया, तो यह मान लिया जाएगा कि प्रार्थना पत्र में लगाए गए सभी आरोप सही हैं और उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इस निर्देश के साथ प्रभारी निरीक्षक चौक को भी प्रति तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं।”
अवरोध पैदा करने वालों पर नजर – सूत्रों का कहना है कि प्रशासन इस बार विकास कार्य में किसी भी तरह की “नेतागिरी” या रुकावट बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग जिनका भवन इस सड़क योजना में नहीं आ रहा है, वे भी निजी स्वार्थ के कारण क्षेत्र का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
वाराणसी प्रशासन का लक्ष्य दालमण्डी को एक नया स्वरूप देना है, लेकिन इस कानूनी नोटिस के बाद क्षेत्र में तनाव और उत्सुकता दोनों बढ़ गई है। अब देखना यह है कि संबंधित लोग प्रशासन के समक्ष क्या साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं।





