वाराणसी पुलिस द्वारा अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “जीरो टॉलरेंस” अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बहला फुसलाकर घर से गहने चोरी करने वाले अभियुक्तगण को थाना कैंट पुलिस की टीम ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से पुलिस ने चोरी के गहने और 50 हजार रुपये की नगदी भी बरामद की है।
क्या है पूरा मामला? – मिली जानकारी के अनुसार, वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और चोरी का एक अनोखा मामला सामने आया था। वादिनी (पीड़िता) ने आरोप लगाया था कि अभियुक्तों ने उनके पुत्र अभिषेक चौबे उर्फ राज को अपने विश्वास में लिया और उसे बहला फुसलाकर घर से गहने चोरी करने वाले अभियुक्तगण ने घर के कीमती जेवरात गायब कर दिए। जब परिवार ने जेवरात वापस मांगे, तो अभियुक्तों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाना कैंट में धारा 318(4), 316(2), 115(2), 351(3), 352 बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

कैंट पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी – पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशानुसार वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए टीम का गठन किया गया था। बहला फुसलाकर घर से गहने चोरी करने वाले अभियुक्तगण की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
दिनांक 07 मई 2026 को समय करीब 12:05 बजे (आधी रात), कैंट पुलिस को सूचना मिली कि अभियुक्त हजरत बाबा अली बख्स शहीद मजार फुलवरिया के पास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण : अमन सेठ (उम्र 22 वर्ष), पुत्र महेश सेठ। प्रिंस सेठ (उम्र 20 वर्ष), पुत्र महेश सेठ। (दोनों निवासी: कुम्हारपुरा फुलवरिया, थाना कैंट, वाराणसी)
बरामदगी का विवरण – गिरफ्तारी के दौरान बहला फुसलाकर घर से गहने चोरी करने वाले अभियुक्तगण के पास से पुलिस ने निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की हैं : 50,000/- रुपये नगद। दो अदद कान की बाली (पीली धातु/सोना)। चार अदद पायल (सफेद धातु/चांदी)। छह अदद बिछिया (सफेद धातु/चांदी)।
बहला फुसलाकर घर से गहने चोरी करने वाले अभियुक्तगण को सलाखों के पीछे भेजने में थाना कैंट के प्रभारी निरीक्षक शिवाकान्त मिश्र के नेतृत्व में उ.नि. दीक्षा पाण्डेय, उ.नि. शान्तनु मिश्रा, उ.नि. अभिषेक सिंह और कांस्टेबल सूर्यप्रकाश व राकेश कुमार सिंह की अहम भूमिका रही।
वाराणसी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कमिश्नरेट में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस अब अभियुक्तों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्यवाही कर रही है।




