वाराणसी (बीएम ब्रेकिंग न्यूज): उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। शहर के जाने-माने पी.एन. सर्जिकल हॉस्पिटल हुकुलगंज से जुड़ा एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जहां वाराणसी के चर्चित डॉक्टर के बेटे पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
महिला कर्मचारी का आरोप: नौकरी से निकालने और बदनाम करने की दी गई धमकी = वाराणसी के चर्चित डॉक्टर के बेटे पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह पिछले लगभग ढाई वर्षों से पी.एन. सर्जिकल हॉस्पिटल, हुकुलगंज में कार्यरत है। पीड़िता के अनुसार, डॉ. पी.एन. तिवारी के पुत्र डॉ. अनुपम तिवारी द्वारा उस पर लगातार दबाव बनाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए जाते रहे।

जब पीड़िता ने इस कृत्य का विरोध किया, तो आरोपी द्वारा उसे नौकरी से निकालने, सामाजिक छवि खराब करने और जान से मारने की धमकियां दी गईं। पीड़िता का आरोप है कि 26 जुलाई को डॉ. अनुपम तिवारी ने उसे अपने केबिन में बुलाया और जान से मारने की धमकी देते हुए हॉस्पिटल स्टाफ सुमित मिश्रा के साथ मिलकर उसकी पिटाई भी की।
24 घंटे चली पूछताछ के बाद दर्ज हुई FIR = मामला पुलिस के पास पहुँचने के बाद हड़कंप मच गया। लालपुर-पांडेयपुर थाने में करीब 24 घंटे तक गहन पूछताछ और जांच-पड़ताल का दौर चला।
वाराणसी के चर्चित डॉक्टर के बेटे पर दुष्कर्म का आरोप साबित होने की दिशा में प्राथमिक साक्ष्यों और तहरीर के आधार पर पुलिस ने FIR संख्या 0223/2026 दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की निम्नलिखित गंभीर धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया है : धारा 74: महिला की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग। धारा 75(2): यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment)। धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुंचाना (Voluntarily causing hurt)। धारा 351(3): आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation)।
थाने पर बैठाया गया आरोपी, सह-आरोपी फरार = सूत्रों के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर को थाने पर बैठाकर लंबी पूछताछ की। वहीं, घटना में शामिल हॉस्पिटल स्टाफ सुमित मिश्रा फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि मामले को दबाने और समझौते के लिए पीड़िता पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन पीड़िता के अड़े रहने पर पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया। फिलहाल पुलिस पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण कराने और कोर्ट में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुट गई है।



