वाराणसी (bmbreakingnews.com): चौक थाने में दर्ज एक चर्चित मामले में आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की ओर से दाखिल की गई प्रगति रिपोर्ट तलब करने की अर्जी को वाराणसी कोर्ट ने निस्तारित कर दिया है। इससे पहले, कोर्ट के निर्देश पर चौक थाना पुलिस ने स्पेशल सीजेएम (Special CJM) की अदालत में अपनी विस्तृत आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत की।

चौक पुलिस की आख्या रिपोर्ट में क्या निकला? = अदालत में चौक पुलिस की ओर से दाखिल की गई आख्या रिपोर्ट में बताया गया कि बड़ी पियरी निवासी अम्बरीश सिंह ने 8 दिसंबर 2025 को पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की गहन जांच और विवेचना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केवल पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर के खिलाफ ही आरोपों को सही पाया है।

पुलिस के अनुसार, अमिताभ ठाकुर के खिलाफ आरोप पत्र (Charge Sheet) तैयार कर लिया गया है और उसे आगे के पर्यवेक्षण के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) दशाश्वमेध के पास भेजा गया है। पर्यवेक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही केस डायरी और आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत कर दिए जाएंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी अन्य आरोपी के खिलाफ फिलहाल जांच लंबित या प्रचलित नहीं है।

अधिवक्ता ने किया अर्जी निस्तारित करने का अनुरोध = कोर्ट में आख्या रिपोर्ट पेश होने के बाद पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर के वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने अदालत से अनुरोध किया कि चूंकि पुलिस अपनी आख्या रिपोर्ट प्रेषित कर चुकी है, इसलिए उनकी ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र को निस्तारित कर दिया जाए। इसके बाद अदालत ने चौक पुलिस को जल्द से जल्द आरोप पत्र व संबंधित दस्तावेज कोर्ट में पेश करने का आदेश देते हुए पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की प्रगति रिपोर्ट वाली अर्जी को निस्तारित कर दिया।

क्या है पूरा विवाद और आरोप? = बता दें कि बड़ी पियरी निवासी, हिंदू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए (VDA) के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला ने 9 दिसंबर को चौक थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद: आरोप था कि 30 नवंबर को पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था। भ्रामक खबर का आरोप: इस वीडियो में अम्बरीष सिंह पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। साथ ही, बहुचर्चित कफ सिरप मामले में बिना किसी ठोस साक्ष्य के उनकी संलिप्तता बताते हुए गलत व भ्रामक खबरें प्रचारित करने का आरोप लगा था, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। शुरुआती प्राथमिकी: इस मामले में पुलिस ने आजाद सेना के अध्यक्ष पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

छह महीने बाद कोर्ट पहुंचे थे अमिताभ ठाकुर = मुकदमा दर्ज होने के छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जब आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल नहीं हुआ, तो पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने अपने अधिवक्ता अनुज यादव के माध्यम से विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब करने की गुहार लगाई थी।

अमिताभ ठाकुर का तर्क था कि एफआईआर दर्ज होने के लंबे समय बाद भी जांच को कानूनी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाया गया है। इस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था और चौक पुलिस को 11 अगस्त तक अपनी स्पष्ट आख्या रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में पुलिस ने अपनी रिपोर्ट दाखिल की।

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