अदालत के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दिलीप कुमार साहनी ने पक्ष रखा
वाराणसी (bmbreakingnews.com): धारा-6/22 एन.डी.पी.एस. एक्ट थाना जेतपुरा, वाराणसी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अदालत ने आरोपी नौशाद अली उर्फ मस्तान की द्वितीय जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे रिहा करने का आदेश जारी किया है। आरोपी मई 2023 से जिला कारागार वाराणसी में निरूद्ध था।
क्या था पूरा मामला? = पुलिस अभियोजन कथानक के अनुसार, 26 मई 2023 को उपनिरीक्षक मनोज कुमार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जहरखुरानी का एक आरोपी गाजी मिया की मजार के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जब घेराबंदी की, तो एक व्यक्ति भागने के प्रयास में गिर पड़ा।

पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम नौशाद अली उर्फ मस्तान बताया। धारा-6/22 एन.डी.पी.एस. एक्ट थाना जेतपुरा, वाराणसी के अंतर्गत हुई नियमानुसार जामा तलाशी के दौरान उसके पास से प्रतिबंधित नशीली दवा अल्प्राजोलम (ALPRAAZ) की कुल 35 गोलियां बरामद की गईं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।
बचाव पक्ष और अदालत की प्रमुख दलीलें = अदालत के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दिलीप कुमार साहनी ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु रखे गए : कम मात्रा (Small Quantity): रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार बरामद 35 गोलियों का कुल वजन लगभग 3.64 ग्राम पाया गया। एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत अल्प्राजोलाम की 5 ग्राम तक की मात्रा ‘लघु श्रेणी’ (Small Quantity) में आती है। लंबे समय से कस्टडी: आरोपी पिछले लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार वाराणसी में बंद था। विरोधाभासी बयान: घटना के समय और स्थान को लेकर अभियोजन पक्ष के बयानों में विरोधाभास उजागर किया गया।
अदालत का टिप्पणी एवं निर्णय: अदालत ने अपराध की प्रकृति, बरामद नशीले पदार्थ अल्प्राजोलाम की कम मात्रा (3.64 ग्राम) तथा आरोपी द्वारा जेल में बिताई गई लंबी अवधि को ध्यान में रखते हुए धारा-6/22 एन.डी.पी.एस. एक्ट थाना जेतपुरा, वाराणसी के इस मामले में आरोपी की द्वितीय जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
न्यायालय ने आरोपी नौशाद अली को ₹25,000 का व्यक्तिगत बंध पत्र और समान राशि के दो प्रतिभू प्रस्तुत करने पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने शर्त रखी है कि आरोपी मुकदमे के विचारण में पूरा सहयोग करेगा और किसी भी तरह के अपराध की पुनरावृत्ति नहीं करेगा। माननीय उच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में इस आदेश की सॉफ्ट प्रति जिला कारागार वाराणसी के अधीक्षक को e-Prison Software में दर्ज करने हेतु प्रेषित कर दी गई है।



