वाराणसी (bmbreakingnews.com): वाराणसी के नदेसर, गड़िया, अंधरापुल, नदेसर मीट मार्केट और चौकाघाट क्षेत्र के नागरिकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। क्षेत्रवासियों को वर्षों पुरानी सीवर समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो और जलनिकासी की विकट स्थिति से जूझ रहे इन इलाकों के लिए प्रशासन ने 458 मीटर लंबी सीवर लाइन विस्तार परियोजना को अपनी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
1.03 करोड़ रुपये से सीवर समस्या के समाधान का रास्ता साफ = इस महत्वपूर्ण विकास परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹1,03,42,386 (एक करोड़ तीन लाख बयालीस हजार तीन सौ छियासी रुपये) निर्धारित की गई है। मंजूरी मिलते ही संबंधित जलकल विभाग और उत्तर प्रदेश जल निगम की टीमों ने धरातल पर सर्वे और नापी का काम शुरू कर दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि सर्वे प्रक्रिया पूरी होते ही सीवर पाइपलाइन बिछाने का निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस नई पाइपलाइन से नदेसर-गड़िया-अंधरापुल और मीट मार्केट के आसपास रहने वाले हजारों परिवारों को सीवर समस्या के समाधान का सीधा लाभ मिलेगा।
स्थानीय निवासियों को मिलेगी जलभराव और गंदगी से राहत = स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सीवर जाम रहने से सड़कें गंदे पानी से लबालब हो जाती थीं, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित होता था बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराता रहता था। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार इस विषय को लेकर मांग उठाई जा रही थी। अब इस परियोजना के अमल में आने से न केवल जलनिकासी की स्थिति सुधरेगी, बल्कि पूरे इलाके के पर्यावरण में भी सुधार आएगा।
मोहम्मद तौफीक कुरैशी (प्रदेश सचिव, UPCC अल्पसंख्यक विभाग & विधानसभा वाराणसी उत्तर-388) का बयान: “क्षेत्र की जनता की इस जायज सीवर समस्या के समाधान के लिए हमने लगातार संबंधित अधिकारियों और विभाग के समक्ष मांग को मजबूती से उठाया। परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिलना क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी विजय और राहत की बात है। सर्वे का काम पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। यह केवल एक ढांचागत विकास नहीं, बल्कि जनता को बुनियादी सहूलियत देने की दिशा में एक ठोस कदम है।”
स्वीकृति के बाद अब नागरिकों में इस बात की उम्मीद जगी है कि जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर दिखेगा और सालों से चली आ रही परेशानी का अंत होगा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासनिक पहल पर संतोष व्यक्त किया है।



