वाराणसी। वाराणसी कोर्ट से अभियुक्त को मिली जमानत की बड़ी खबर सामने आई है। न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट संख्या-04, वाराणसी ने एक महत्वपूर्ण आदेश में चोरी के मामले में जेल में बंद अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह जमानत अधिवक्ता शिवांक त्रिपाठी व श्रेयांश जायसवाल की प्रभावी पैरवी के बाद मिली है।

मामला क्या है? – सरकार बनाम दिनेश राजभर = प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला सरकार बनाम दिनेश राजभर, मु.अ.सं. 164/2026, धारा 303 (2), 317 (2), 317 (5) BNS, थाना जंसा, वाराणसी का है। अभियुक्त दिनेश राजभर पुत्र उमाशंकर राजभर दिनांक 08.08.2026 से जिला कारागार वाराणसी में निरुद्ध थे। अभियुक्त की तरफ से आज न्यायालय में अधिवक्ता शिवांक त्रिपाठी व श्रेयांश जायसवाल द्वारा जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया।

अधिवक्ताओं की दलील = प्रार्थी / अभियुक्त की ओर से न्यायालय में कथन किया गया कि उक्त अपराध में प्रार्थी को पुलिस ने फर्जी तरीके से आरोपित कर अभियुक्त बना दिया है। प्रार्थी ने किसी भी प्रकार का कोई अपराध नहीं किया है और न ही किसी तरह की कोई चोरी की है। इसलिए प्रार्थी को उचित जमानत व मुचलके पर रिहा किया जाए।

अभियोजन पक्ष का विरोध = वहीं विद्वान अभियोजन अधिकारी ने जमानत का प्रबल विरोध किया। उनका कहना था कि अभियुक्त का आपराधिक इतिहास संलग्न है और अभियुक्त के कब्जे से चोरी का ट्रांसफार्मर में इस्तेमाल होने वाला तार बरामद हुआ है।

कोर्ट ने क्या कहा ? = माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों – विद्वान अधिवक्ता व विद्वान अभियोजन अधिकारी को सुना एवं पत्रावली का अवलोकन किया। पत्रावली के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त पर आरोप है कि उसने हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइट के केबल को कई जगहों से चोरी किया है। अभियुक्त के पास से ट्रांसफार्मर में इस्तेमाल होने वाली केबल अनुमानित लगभग बीस फीट तथा कुछ कॉपर के जले हुए तार बरामद किए जाने का अभियोग है।

न्यायालय ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि उक्त प्रकरण मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा विचारणीय है व अधिकतम तीन वर्ष की सजा से दण्डनीय है। अभियुक्त दिनांक 08.08.2026 से जिला कारागार वाराणसी में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है। अपराध की प्रकृति एवं समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए अभियुक्त की जमानत का आधार पर्याप्त है।

कोर्ट का अंतिम आदेश = इसी आधार पर वाराणसी कोर्ट से अभियुक्त को मिली जमानत है। माननीय न्यायालय ने आदेश दिया कि –

मु.अ.सं.- 164/2026 अंतर्गत धारा 303 (2), 317 (2), 317 (5) BNS, थाना-जंसा, वाराणसी में अभियुक्त दिनेश राजभर पुत्र उमाशंकर राजभर की ओर से 30,000/- रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र एवं समान धनराशि की एक प्रतिभू प्रस्तुत करने पर अभियुक्त को जमानत पर रिहा किया जाए।

इस प्रकार एक बार फिर वाराणसी कोर्ट से अभियुक्त को मिली जमानत ने यह साबित कर दिया कि यदि पैरवी मजबूत हो तो न्याय अवश्य मिलता है। इस सफलता पर अधिवक्ता शिवांक त्रिपाठी व श्रेयांश जायसवाल को बधाई मिल रही है।

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