वाराणसी (बीएम ब्रेकिंग न्यूज): धर्म, अध्यात्म और कौमी एकता की नगरी वाराणसी में आगामी जश्ने ईद मिलादुन्नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) बारावफात को अकीदत, एहतराम और पूरे शानो-शौकत के साथ मनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। आज दिनांक 20 अगस्त (दिन बृहस्पतिवार) को दोपहर 12:30 बजे मैदागिन स्थित पराड़कर स्मृति भवन (प्रेस क्लब) में मरकज़ी यौमुन्नबी कमेटी के सदर और सेक्रेटरी की ओर से एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।
इस प्रेसवार्ता में मरकज़ी यौमुन्नबी कमेटी के सदर व उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व चेयरमैन (अल्पसंख्यक आयोग) हाजी सैय्यद शकील अहमद और सेक्रेटरी हाजी महमूद खान ने शहर के जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में आगामी 25 और 26 अगस्त को आयोजित होने वाले जश्ने ईद मिलादुन्नबी के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की।

25 अगस्त को उठेगा पारंपरिक जुलूस: जानें पूरा रूट = कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी 25 अगस्त की शाम को कमेटी की जानिब से जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पारंपरिक जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। यह मुबारक जुलूस बेनियाबाग के पूर्वी छोर स्थित हड़हा मैदान से उठेगा। जुलूस का पूरा मार्ग (Route Details) = प्रारंभिक स्थल: हड़हा मैदान (बेनियाबाग), मार्ग: सराय हड़हा ➔ छत्तातले ➔ नारियल बाजार ➔ दालमंडी ➔ नई सड़क ➔ मस्जिद बख्श जायसी (लंगड़े हाफिज) ➔ फरान होटल ➔ नई सड़क चौराहा ➔ कुरैशाबाद ➔ फाटक खुदा शेख सलीम ➔ आस्ताना रहीम शाह ➔ भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां मार्ग ➔ कटरा बंशीधर। समापन स्थल (मरकज़): अमीन मंज़िल बेनियाबाग (डायज पर)।
जुलूस के मरकज़ पर पहुँचने के बाद सरपरस्ते आला अल्हाज हज़रत मौलाना सूफी मोहम्मद जकिउल्लाह असदुल कादरी साहब की आगाज़ी तकरीर (उद्बोधन) होगी। इसके बाद नातिया प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें बनारस और अन्य शहरों की प्रसिद्ध अंजुमने हिस्सा लेंगी। कमेटी के आधीन अलग-अलग स्थानों पर कुल 35 डायजों (मंचों) की स्थापना की गई है, जहाँ अंजुमने नातिया कलाम पेश करके जश्ने ईद मिलादुन्नबी की खुशियां मनाएंगी।
26 अगस्त (बारहवीं रबीउल अव्वल): अंजुमनों का होगा हौसला अफजाई = बारहवीं रबीउल अव्वल यानी 26 अगस्त की संध्या पर मरकज़ी यौमुन्नबी कमेटी के संरक्षक और पदाधिकारीगण दालमंडी स्थित नश्रगाह डायज़ (ताज होटल) पर मौजूद रहेंगे। यहाँ नातिया कलाम पेश करने वाली सभी अंजुमनों को ईनाम व ट्रॉफी तक़सीम (वितरित) करके उनकी हौसला अफजाई की जाएगी।
प्रशासन से सीवर, सफाई और बिजली की समस्याएं हल करने की अपील = प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कमेटी के सदर हाजी सैय्यद शकील अहमद ने प्रशासनिक अधिकारियों से खास निवेदन किया कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके से पहले पूरे क्षेत्र में साफ-सफाई, सड़कों की मरम्मत और बिजली से जुड़ी समस्याओं को दुरुस्त किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से दालमंडी क्षेत्र के बदहाल रास्तों और बहते हुए सीवर के गंदे पानी की रोकथाम की व्यवस्था करने पर जोर दिया ताकि जुलूस में शामिल होने वाले अकीदतमंदों को आवाजाही में कोई परेशानी न हो। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान यातायात (ट्रैफिक) व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की मांग की।
गंगा-जमुनी तहज़ीब और पैगंबर साहब का पैगाम = मरकज़ी यौमुन्नबी कमेटी के सेक्रेटरी हाजी महमूद खान ने पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के पैगाम पर प्रकाश डालते हुए कहा, “पैगंबर साहब पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए और उन्होंने हमेशा मोहब्बत, शांति और भाईचारे का पैगाम दिया।”
उन्होंने कहा कि बनारस की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहज़ीब को कायम रखते हुए हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई—सभी धर्मों के लोग मिलकर इस जश्ने ईद मिलादुन्नबी को यादगार और खूबसूरत बनाएंगे। उन्होंने बनारस की पूरी आवाम से इस जश्न में शामिल होने की अपील की।
आज की प्रेसवार्ता में शहर के कई सम्मानित नागरिक और कमेटी के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें: मो० अबरार खान, मो० इमरान खान, शकील अहमद सिद्दीकी, हाजी इकबाल, आगा कमाल, रेयाज़ अहमद नूर, वारिस बब्लू, हाजी समर खान, हाजी राशीद इकबाल, राशिद सिद्दीकी, हाजी यासीन गुड्डू, अब्दुल मन्नान, सोहराब आलम, तौकीर अहमद, साजिद गुड्डू, फुरकान खान, जमाल जफर, मारुफ अली, सऊद खान, इम्तियाज अहमद, अली अख्तर, अशरफ अहमद (एड.), एस० जावेद, रजब अख्तर (राजा), खालिद शिवाला, सरफ़राज़ भोलू, नेहालुद्दीन (एड.), शकील अहमद जादूगर, हाजी जावेद, रेयाज छोटू, बाबू नकाब, राशीद मार्शल, शमीम चाँद आदि शामिल थे।


