मथुरा-वृंदावन के जाने-माने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज अपने एक कथित बयान को लेकर इन दिनों बड़े विवादों में घिर गए हैं। यह विवाद इतना बढ़ गया है कि वृंदावन से लेकर मथुरा की कचहरी तक लोग सड़कों पर उतर आए हैं। हालांकि, उन्होंने अपने बयान पर माफी मांग ली है और आशंका जताई है कि उनके वीडियो को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से एडिट करके प्रसारित किया गया है। आखिर ऐसा क्या कह दिया कथावाचक ने जिस पर इतना बवाल मच गया है? आइए जानते हैं पूरा मामला।

लिव-इन संबंधों पर टिप्पणी बनी विवाद की जड़ – विवाद की जड़ अनिरुद्धाचार्य द्वारा महिलाओं, खासकर लिव-इन संबंधों में रहने वाली युवतियों को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी है। सोशल मीडिया पर उनके बयान का एक अंश वायरल होने के बाद अधिवक्ता समुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों में तीखी नाराजगी देखी जा रही है। आरोप है कि उन्होंने ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है

वृंदावन से कचहरी तक विरोध की लहर – इस विवादित बयान को लेकर वृंदावन से लेकर मथुरा की कचहरी तक विरोध प्रदर्शन की लहर फैल गई है। शुक्रवार को बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने कचहरी गेट पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। बार अध्यक्ष प्रदीप शर्मा और सचिव शिवकुमार लवानियां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणी महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। महिला अधिवक्ताओं में इस बयान को लेकर खास आक्रोश है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो सोमवार को कोर्ट में वाद दाखिल किया जाएगा। प्रदर्शन में भारी संख्या में महिला अधिवक्ता भी शामिल रहीं।

इधर, वृंदावन के रामलीला तिराहे पर भी लोगों ने कथावाचक के बयान के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सामाजिक कार्यकर्ता ताराचंद गोस्वामी ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत में नारी को शक्ति और पूज्य माना जाता है, ऐसे में व्यास पीठ पर बैठे किसी भी संत द्वारा इस तरह की बात समाज में गलत संदेश फैलाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनिरुद्धाचार्य महाराज पूर्व में भी सीता और द्रौपदी पर विवादित टिप्पणी कर चुके हैं, इसलिए इस बार इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अनिरुद्धाचार्य ने दी सफाई, AI एडिटिंग की जताई आशंका – बढ़ते विवाद को देखते हुए कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी बात सुने बिना कुछ अंशों को वायरल कर दिया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने केवल कुछ युवतियों की गलत प्रवृत्ति पर टिप्पणी की थी, न कि समस्त नारी जाति पर। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो तो वह क्षमा चाहते हैं। साथ ही, उन्होंने आशंका जताई कि उनके वीडियो को एडिट करके प्रसारित किया गया हो या फिर AI तकनीक से छेड़छाड़ की गई हो।

हालांकि, माफी और स्पष्टीकरण के बावजूद, विरोध प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी से यह मामला अब और भी गंभीर होता नजर आ रहा है। देखना यह होगा कि यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसका क्या अंजाम होता है।

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