बाराबंकी : भक्ति और आस्था का माहौल अचानक चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गया, जब बाराबंकी के प्रसिद्ध औसानेश्वर मंदिर में रविवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। आधी रात को जैसे ही मंदिर के कपाट खुले और श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू हुआ, बिजली के तार से टिनशेड के पोल में करंट आ गया। इससे अफरातफरी मच गई और ‘बम-बम भोले’ का उद्घोष देखते ही देखते ‘भागो-भागो’ की चीख में बदल गया। गनीमत रही कि किसी बड़े जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधी रात को खुला कपाट, 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु थे मौजूद – रविवार रात करीब 12 बजे जैसे ही औसानेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए, परिसर में 20 हजार से अधिक श्रद्धालु पहले से ही जमा हो चुके थे। श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी था और मंदिर के मुख्य द्वार से लगभग 250 मीटर दूर तक बैरिकेडिंग और टिन शेड के नीचे लगभग 4000 श्रद्धालु दर्शन के लिए कतार में खड़े थे। चारों ओर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे थे। श्रद्धालु बेलपत्र, फूल और प्रसाद खरीदने में व्यस्त थे, तभी अचानक यह हादसा हुआ।
करंट फैलते ही मची भगदड़, लोग जान बचाकर भागे – रात करीब दो बजे अचानक लोग “भागो-भागो…करंट फैल गया!” चिल्लाने लगे। देखते ही देखते अफरातफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर चढ़ते-गिरते हुए दौड़ पड़े। इस भगदड़ में कुछ श्रद्धालु करंट लगने के डर से जमीन पर गिर पड़े, जबकि कुछ लोगों को पैर तले दबने से हल्की चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के दुकानदारों ने बताया कि शुरुआत में तो किसी को कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है।
त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा – भगदड़ की सूचना मिलते ही मंदिर प्रबंधन की ओर से तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी सीधे डायरेक्ट कटिंग पॉइंट की ओर दौड़े और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। आसपास के दुकानदारों को भी मदद के लिए बुलाया गया। मेले में पहले से मौजूद एंबुलेंस ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया। रात 3:00 बजे तक सभी घायल श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचा दिया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
यह घटना दिखाती है कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण है। समय पर बिजली आपूर्ति बंद होने और पुलिस-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। हालांकि, ऐसी घटनाओं से बचने के लिए भविष्य में और अधिक पुख्ता इंतजाम करने की आवश्यकता है।





