Category: संपादकीय

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से फिर चर्चा में समान नागरिक संहिता, विशेषज्ञ बोले — संविधान की भावना को साकार करने का समय

शशांक शेखर त्रिपाठी, अधिवक्ता (दीवानी एवं फौजदारी) वरिष्ठ उपाध्यक्ष – द बनारस बार एसोसिएशन नई दिल्ली/वाराणसी। देश में समान नागरिक…

योगी ही सच्चा और अच्छा राजा हो सकता है, भारतीय वाङ्मय की दृष्टि में आदर्श राजधर्म

लेखक – शशांक शेखर त्रिपाठी, अधिवक्ता (दीवानी एवं फौजदारी)वरिष्ठ उपाध्यक्ष – द बनारस बार एसोसिएशन, संयोजक – भारतीय जनता पार्टी,…

राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 : खेलों से राष्ट्र निर्माण की राह

लेखक – सारंग नाथ पाण्डेय (विभागाध्यक्ष, सनबीम स्कूल भगवानपुर वाराणसी) 29 अगस्त का दिन भारतीय खेल इतिहास में एक विशेष…

हिंदी विरोध: राष्ट्रीय मानस पर चोट और महाराष्ट्र की राजनीतिक विडंबना

यह विडंबना ही है कि जिस महाराष्ट्र की धरती ने हिंदी को राजभाषा बनाने का विचार दिया, आज वहीं हिंदीभाषियों…

विश्व मंच पर पीएम मोदी का बढ़ता क़द, 17 देशों की संसद में संबोधन, 27 सर्वोच्च सम्मान और भारत की बढ़ती साख!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक नेतृत्व में भारत को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। एक…

भगवंत मान का ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बयान: क्या पीएम मोदी के कूटनीतिक प्रयासों पर पानी फिर सकता है?

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर जो टिप्पणी की है, उस पर काफी…