चुनाव आयुक्त महोदय, ऐसे कैसे पूर्ण होगा एसआईआर का कार्य जब बीएलओ सहित कर्मचारियों की भारी लापरवाही सामने आ रही है? एसआईआर के कार्य में लापरवाही, नदारद कर्मचारी, और पुराने वोटरों के नाम कटने से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर एक विशेष रिपोर्ट।
देश में लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का सही और त्रुटिहीन होना अत्यंत आवश्यक है। इसी कड़ी में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR – Special Summary Revision) का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन विभिन्न स्थानों से जो खबरें सामने आ रही हैं, वे चिंताजनक हैं। चुनाव आयुक्त महोदय, ऐसे कैसे पूर्ण होगा एसआईआर का कार्य, जब एसआईआर के कार्य में कर्मचारियों की भारी लापरवाही खुले तौर पर सामने आ रही है?
बीएलओ सहित कर्मचारियों की भारी लापरवाही, कार्यस्थल से नदारद रहने का सिलसिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसआईआर के कार्य के दौरान नियुक्त किए गए बीएलओ (Booth Level Officers) सहित अन्य सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। पोलिंग बूथ सहित अन्य सरकारी कार्यालयों पर तैनात अधिकारी व कर्मचारी ज्यादातर समय अपने कार्यस्थल से नदारद रहते हैं।
आम जनता जब अपने मत से संबंधित किसी जानकारी या सुधार के लिए इन बूथों पर पहुँचती है, तो उन्हें अक्सर वहाँ कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं मिलता, जो वोटरों को उनके सवालों का सही जवाब दे सके। यह स्थिति सीधे तौर पर एसआईआर के कार्य को बाधित कर रही है और जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
पुरानी वोटर लिस्ट का न मिलना और नाम कटने की समस्या
एसआईआर के कार्य में एक और बड़ी समस्या सामने आ रही है, वह है पुरानी मतदाता सूचियों की अनुपलब्धता। 2003 की वोटर लिस्ट सहित अन्य पुरानी सूचियाँ भी लोगों को उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। पुरानी सूची न मिलने के कारण लोग यह सत्यापित नहीं कर पा रहे हैं कि उनका नाम सूची में है या नहीं।
इससे भी गंभीर मामला यह है कि भारी मात्रा में पुराने वोटरों का नाम कटने का मामला भी प्रकाश में आ रहा है। बिना किसी पूर्व सूचना या पर्याप्त सत्यापन के नाम कटने से आमजन सकते में हैं। नाम कटने के बाद अपना नाम पुन: जुड़वाने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है एसआईआर का कार्य
स्पष्ट है कि एसआईआर के कार्य को जिस संजीदगी और तत्परता से पूरा किया जाना चाहिए था, वह लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है। आमजन के द्वारा यह कहा जा रहा है कि ऐसी लापरवाही से कैसे पूर्ण होगा एसआईआर का महत्वपूर्ण कार्य? यह सवाल सीधा चुनाव आयुक्त महोदय की तरफ है कि जब जमीनी स्तर पर कार्य में इतनी ढिलाई है, तो अंतिम मतदाता सूची कितनी विश्वसनीय होगी?
निष्कर्ष – लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है। चुनाव आयुक्त महोदय और संबंधित उच्च अधिकारियों को इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। एसआईआर के कार्य को सफलतापूर्वक, समय पर और त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के लिए जरूरी है कि बीएलओ सहित सभी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, पुरानी मतदाता सूचियाँ उपलब्ध कराई जाएँ, और बिना वजह काटे गए नामों को जोड़ने की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाया जाए। लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है एसआईआर का कार्य को अब और नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।







