कमिश्नरेट वाराणसी के 18 थानों पर Student Police Experiential Learning (SPEL) 3.0 कार्यक्रम जारी है। पुलिस आयुक्त के निर्देशन में छात्र नशा उन्मूलन और पुलिसिंग के गुर सीख रहे हैं।
वाराणसी: युवाओं को कानून, समाज और पुलिस की कार्यप्रणाली से जोड़ने के लिए कमिश्नरेट वाराणसी में एक अनूठी पहल चल रही है। पुलिस आयुक्त वाराणसी के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (महिला अपराध) नम्रिता श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में ‘Student Police Experiential Learning (SPEL) 3.0’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से चल रहे इस 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें ज़मीनी हकीकत से रूबरू कराना है।
कमिश्नरेट वाराणसी के कुल 18 थानों पर यह कार्यक्रम 14 जनवरी 2026 से संचालित है। इस SPEL 3.0 के तहत छात्र-छात्राओं को कुल 120 घंटों की सिखलाई दी जा रही है। प्रतिदिन 4 घंटे के आधार पर छात्र पुलिसिंग के निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर बारीकियां सीख रहे हैं: अपराध अनुसंधान: पुलिस कैसे केस सॉल्व करती है। यातायात नियंत्रण: सड़कों पर सुरक्षा के नियम। साइबर क्राइम और मानव तस्करी: डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटना। कानून-व्यवस्था: समाज में शांति बनाए रखने की प्रक्रिया।
आज दिनांक 05.02.2026 को SPEL 3.0 कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष गतिविधि आयोजित की गई। कमिश्नरेट वाराणसी के थानों पर नामित नोडल अधिकारियों (उप निरीक्षक) ने छात्र-छात्राओं को नशा उन्मूलन केंद्र का भ्रमण कराया। इस दौरान छात्रों ने केंद्र में रह रहे व्यक्तियों की जीवनशैली और उनके अनुभवों को करीब से जाना। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने छात्रों को बताया कि नशा केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि एक गंभीर बीमारी है। छात्रों ने नशा पीड़ितों के इलाज, काउंसलिंग सेशन और उनके पुनर्वास (Rehabilitation) की प्रक्रिया को समझा।
इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है। कमिश्नरेट वाराणसी की इस पहल से छात्र अब ‘नशामुक्त भारत अभियान’ में सक्रिय योगदान देंगे और समाज को जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं: सभी छात्रों का mybharat.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। प्रत्येक चयनित थाने पर 1-1 उप निरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कोर्स पूरा होने पर छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यह SPEL 3.0 कार्यक्रम छात्रों की निर्णय लेने की क्षमता (Cognitive skills) और लोक कौशल (People skills) को निखारने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।



