वाराणसी में एक प्रतिष्ठित आभूषण व्यवसायी को ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक तथाकथित यूट्यूबर पत्रकार पर फर्जी खबरें चलाकर रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। राजातालाब पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

क्या है पूरा मामला? बताते चले कि 27 जुलाई 2025 को, राजातालाब थाने में रानी बाजार स्थित अंशिका अलंकार मंदिर के मालिक, पंकज सेठ ने एक शिकायत दर्ज कराई। जिसमे पंकज सेठ ने आरोप लगाया है कि 4 जुलाई 2025 को सुबह करीब 11:54 बजे, सुनील जायसवाल नाम का एक व्यक्ति, जिसने खुद को एक यूट्यूब चैनल का पत्रकार बताया, उनके प्रतिष्ठान के बाहर आकर बिना अनुमति के फोटोग्राफी करने लगा।

इतना ही नहीं, इस तथाकथित पत्रकार ने पंकज के ड्राइवर को बुलाकर सीधे ₹2,00,000/- (दो लाख रुपये) की रंगदारी मांगी। धमकी दी गई कि अगर यह रकम नहीं दी गई तो पंकज सेठ और उनके परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसाकर उनके प्रतिष्ठान को सील करवा दिया जाएगा। यह पूरी घटना प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जो पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सबूत बन गया है।

पंकज सेठ ने यह भी बताया कि इस व्यक्ति ने पहले भी यूट्यूब चैनल के माध्यम से उनकी छवि खराब करने के मकसद से कई भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो अपलोड किए हैं।

पुलिस की कार्रवाई इस गंभीर शिकायत के आधार पर, राजातालाब पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तथाकथित यूट्यूबर सुनील जायसवाल के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 161/25, धारा 308 (2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।

पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून के हाथ लंबे हैं और गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हम उम्मीद करते हैं कि इस मामले में जल्द ही न्याय होगा और पीड़ित व्यवसायी को राहत मिलेगी।

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