देव दीपावली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि इस बार यह काशी की दिव्यता, पर्यावरणीय चेतना और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनने जा रही है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल “क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी” के साथ इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा का उत्सव पहले से भी अधिक अद्भुत होने वाला है। यह पहल न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय और पावन अनुभव होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए काशी की विरासत को सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण संदेश भी देगी।

5 नवम्बर को कार्तिक पूर्णिमा की संध्या पर जब पूरी काशी दीपों की रौशनी में नहाएगी, तब गंगा के पावन तटों पर आस्था, संस्कृति और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस महाआयोजन को सफल बनाने के लिए पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटा है।

नमो घाट से अस्सी तक, दीपों की माला और स्मार्ट लाइटिंग – देव दीपावली अब सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि विश्व पटल पर काशी की पहचान बन चुकी है। इस बार नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक के सभी घाटों को एक नई दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। घाटों की सुंदरता, स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खास इंतजाम किए जा रहे हैं।

जैसे ही सूर्य ढलेगा और गंगा की लहरों पर लाखों दीप झिलमिलाएंगे, पूरा वाराणसी “हर हर गंगे” के जयघोष से गूंज उठेगा। वाराणसी पर्यटन विभाग के अनुसार, इस बार लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस दिव्य आयोजन को देखने पहुंचेंगे, जिनके लिए घाटों पर विशेष स्मार्ट लाइटिंग और थीम आधारित इंस्टॉलेशन लगाए जा रहे हैं।

ग्रीन आतिशबाजी और लेजर शो का खास आकर्षण – उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस बार देव दीपावली का आयोजन पर्यावरण और आस्था के बीच संतुलन पर आधारित होगा। “ग्रीन आतिशबाजी” और “इको-फ्रेंडली डेकोरेशन” के जरिए काशी को प्रदूषण मुक्त और आकर्षक रूप देने की तैयारी है।

इस वर्ष के मुख्य आकर्षण – लेजर और प्रोजेक्शन शो: महाराजा चेत सिंह घाट पर 25 मिनट का शानदार लेजर और प्रोजेक्शन शो आयोजित किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला अनुभव देगा। ग्रीन फायरक्रैकर शो: काशी विश्वनाथ धाम घाट के ठीक सामने ग्रीन फायरक्रैकर शो (पर्यावरण अनुकूल आतिशबाजी) का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक संगम: घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक संगीत प्रस्तुतियां और क्राफ्ट प्रदर्शनियां होंगी, जिससे स्थानीय कलाकारों को अपने हुनर को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। नमो घाट और अस्सी घाट पर मिट्टी के दीयों और फूलों से विशेष सजावट की जाएगी।

सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम – श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। निगरानी: हर घाट की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी, जिसके लिए 24×7 कंट्रोल रूम और कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। स्वास्थ्य एवं सुविधा: घाटों के पास चिकित्सीय सहायता केंद्र, पेयजल, और पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था की गई है। गंगा सुरक्षा: गंगा नदी पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नौका एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही, नाविकों को लाइफ जैकेट, पंजीकरण टैग, और निर्धारित मार्ग की जानकारी दी गई है ताकि कोई दुर्घटना न हो।

शहर की गलियों में सफाई अभियान के साथ-साथ हर तरफ “ग्रीन काशी” का संदेश भी प्रमुखता से दिया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस सांस्कृतिक गौरव को स्वच्छ रूप में अनुभव कर सकें।

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