वाराणसी: धर्म और शिक्षा की नगरी काशी के प्रतिष्ठित हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को छात्रों का भारी उत्साह और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यूजीसी (UGC) के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए कॉलेज के सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतरे। हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर न केवल परिसर बल्कि मैदागिन क्षेत्र में भी विरोध जुलूस निकाला।
शनिवार को हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय का नजारा बदला हुआ था। छात्र एकजुट होकर यूजीसी के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। जुलूस निकालते हुए छात्र पूरे महाविद्यालय परिसर में घूमे और इसके बाद मुख्य गेट की ओर बढ़ने लगे। छात्रों का इरादा सड़क पर निकलकर अपनी बात शासन तक पहुँचाने का था, लेकिन सुरक्षा कारणों से जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए छात्रों को गेट पर ही रोक दिया।
जैसे ही हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र गेट से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, वहां तैनात एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और थाना प्रभारी कोतवाली ने भारी पुलिस बल के साथ उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस कर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। माहौल को गरमाता देख अधिकारियों ने छात्रों को समझाने-बुझाने की कोशिश की।
पुलिस द्वारा बाहर जाने से रोके जाने के बाद हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र शांत नहीं हुए। वे विरोध स्वरूप महाविद्यालय परिसर के अंदर ही जमीन पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों और यूजीसी के समर्थन में अपने विचार रखे।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल छात्र नेता: इस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से राहुल कन्नौजिया, छात्रसंघ अध्यक्ष रवि गुप्ता और छात्रसंघ महामंत्री रोहित यादव ने किया। इनके साथ शिवम यादव, मनीष सोनी, पीयूष यादव, चन्दन सोनकर, बालेंदु, रवि सेठ, विवेक कुमार, शिवा सोनकर और मुहम्मद आसिफ जैसे कई छात्र सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुआ यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि छात्र अब अपनी शैक्षिक नीतियों और अधिकारों को लेकर कितने जागरूक हैं। फिलहाल कॉलेज प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।



