कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि “सड़क पर नमाज अल्लाह को भी कबूल नहीं होती।” उन्होंने यह भी कहा कि वैसे भी सड़क सरकार की है और ‘हम लोगों के साथ क्या हो रहा है, यह सारी दुनिया जानती है।’
सहारनपुर/वाराणसी। राजनीति में बयानबाजी का सिलसिला कभी थमता नहीं, और जब बात धर्म और सड़क की हो तो सियासी पारा चढ़ना तय है। हाल ही में नगीना से आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक ऐसा बयान दिया, जिस पर कांग्रेस के कद्दावर नेता इमरान मसूद ने अब करारा पलटवार किया है।
चंद्रशेखर ने कुछ दिन पहले सवाल उठाया था कि जब कांवड़ यात्रा के लिए सड़कें कई दिनों के लिए बंद हो सकती हैं, तो नमाज के लिए आधा घंटा क्यों नहीं मिल सकता?

सांसद के इस बयान को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई थी, लेकिन अब इमरान मसूद ने इस बहस को एक नई दिशा दे दी है।
‘सड़क पर नमाज अल्लाह को भी कबूल नहीं’
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब इमरान मसूद से चंद्रशेखर के इस बयान पर सवाल किया गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “सड़कों पर नमाज अल्लाह को भी कबूल नहीं होती।”
उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, “वैसे भी सड़क सरकार की है और हम लोगों के साथ क्या हो रहा है, यह सारी दुनिया जानती है।”

इमरान मसूद ने अपनी बात खत्म करते हुए साफ संकेत दिया कि इस तरह के संवेदनशील बयानों के लिए चंद्रशेखर खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, “चंद्रशेखर का सवाल चंद्रशेखर से करें।”
इमरान मसूद का यह बयान न केवल चंद्रशेखर के तर्क को खारिज करता है, बल्कि एक गंभीर संदेश भी देता है कि मुस्लिम समुदाय के कई नेता खुद भी सड़क पर नमाज जैसे मुद्दों पर संयम बरतने की राय रखते हैं।

‘राहुल के हिंदुत्व बयान को गलत ढंग से पेश किया’
इस दौरान, इमरान मसूद ने एक और बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा दिए गए हिंदुत्व संबंधी बयान को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह बयानबाजी बताती है कि कांग्रेस नेता बीजेपी के साथ-साथ अपनी पार्टी की स्थिति को भी स्पष्ट करने की कोशिश में हैं।

हालांकि, जब उनके भतीजे हमजा मसूद के इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के सवाल पर जवाब देने की बारी आई, तो इमरान मसूद थोड़ा बचते दिखे। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे संविधान को मानने वाले लोग हैं और लोकसभा में संविधान की शपथ लेकर आए हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वीडियो में कोई मजाक नहीं उड़ाया गया है, फिर भी हमजा ने पहले ही माफी मांग ली है।

इन सब राजनीतिक गरमा-गरमी के बीच, इमरान मसूद ने एक सार्थक पहल की बात भी बताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने अधूरे पड़े दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे के संबंध में लिंक रोड बनाकर सिद्वपीठ मां शाकम्भरी देवी को जोड़ने का प्रस्ताव दिया है।
कुल मिलाकर, चंद्रशेखर के बयान ने जो चिंगारी लगाई थी, इमरान मसूद के पलटवार ने उस पर हवा दे दी है, और अब यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया तूफ़ान खड़ा कर सकता है।


